पंजाब में विधानसभा चुनावों के नतीजों से पहले आकलन में जुटी कांग्रेस

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

May 2026
M T W T F S S
 123
45678910
11121314151617
18192021222324
25262728293031
May 14, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

पंजाब में विधानसभा चुनावों के नतीजों से पहले आकलन में जुटी कांग्रेस

-10 मार्च को घोषित होने है पंजाब विधानसभा के चुनाव परिणाम
नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/पंजाब/भावना शर्मा/- पंजाब विधानसभा चुनाव नतीजों को लेकर अनिश्चितता की स्थिति में कांग्रेस चुनावी आकलन में जुट गई है। हालांकि पंजाब विधानसभा के चुनावी नतीजे 10 मार्च को घोषित होंगे पर कांग्रेश उससे पहले पंजाब में आकलन करने में जुट गई है। कांग्रेसी रणनीतिकारों ने बताया कि कांग्रेस का शीर्ष नेता चुनाव के संभावित नतीजों का आकलन करने में लगा हुआ है ताकि हर परिस्थिति से निपटा जा सके।
              बता दें कि कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व यह मानकर चल रहा है कि दोआबा में कांग्रेस की स्थिति बेहतर रह सकती है। इसके पीछे यह कारण दिया जा रहा है कि मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के कारण दलित वोट कांग्रेस के पक्ष में गया है। कांग्रेसी हलकों ने बताया कि पिछली बार भी दोआबा क्षेत्र में कांग्रेस का प्रदर्शन बेहतर रहा था। दोआबा में 23 विधानसभा सीटें आती हैं। दोआबा में अगर दलितों ने 50 फीसदी से अधिक वोट कांग्रेस के पक्ष में डाली होंगी तो उससे विभिन्न सीटों के चुनावी परिणामों पर काफी असर पड़ेगा।
                इसी तरह माजा क्षेत्र में भी आकलन किया जा रहा है। माजा में कांग्रेस का मुख्य मुकाबला शिरोमणि अकाली दल के साथ है। माजा में इस बार सीअद कई सीटें जीतने में कामयाब हो सकता है। कांग्रेसी अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि उसका प्रदर्शन कितनी सीटों पर प्रभावशाली रहेगा। वहीं मालवा क्षेत्र को लेकर अनिश्चितता की स्थिति बनी हुई है। मालवा में कांग्रेस देख रही है कि एक्टर दीप सिद्धु व डेरा फैक्टर का किस पार्टी के पक्ष में कितना असर गया है इसलिए चुनावी नतीजों को लेकर अनिश्चितता का माहौल दिखाई दे रहा है। परंतु कांग्रेसी नेताओं का मानना है कि सिद्धु ने जिस तरह से मतदाताओं को आम आदमी पार्टी को वोट न देने की अपील की थी उससे वोट अकाली दल अमृतसर या फिर संयुक्त मोर्चे को चली गई है। कांग्रेस इसे अपने हित में मानती है। डेरा सच्चा सौदा द्वारा भाजपा व अकाली दल के पक्ष में कई सीटों पर मतदान करने का आह्वान किया गया था। इसके असर का भी आकलन पार्टी करने में लगी हुई है। अब यह तो 10 मार्च को पता चलेगा कि ऊंट किस करवट बैठता है लेकिन कांग्रेस पहले ही अपने आकलन के तहत आश्वस्त होना चाहती है।

About Post Author

Subscribe to get news in your inbox