नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/ मानसी शर्मा/- झारखंड की पूर्व राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू भारत की पहली आदिवासी राष्ट्रपति बन चुकी हैं। राष्ट्रपति मुकाबले में सत्तारूढ़ एनडीए की द्रौपदी मुर्मू और विपक्ष के यशवंत सिन्हा एक-दूसरे के खिलाफ खड़े थे।जिसमें मुर्मू के पक्ष में स्पष्ट रूप से वोट डाले गए हैं, जो देश में शीर्ष संवैधानिक पद पर काबिज होने वाली पहली आदिवासी महिला है।
महासचिव, राज्यसभाके सचिव के मुताबकि राष्ट्रपति चुनाव परिणाम की घोषणा के साथ संपन्न हुआ। चुनाव में 4754 मत पड़े, जिसमें से 4701 वैध और 53 अमान्य घोषित हुए। कोटा (राष्ट्रपति चुने जाने वाले उम्मीदवार के लिए) 5,28,491 था। द्रौपदी मुर्मू ने 2824 प्रथम वरीयता वोट हासिल किए जिनकी वैल्यू 6,76,803 है। राष्ट्रपति-चुनाव के दौरान द्रौपदी मुर्मू को सभी राज्यों में वोट मिले। विपक्ष के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार यशवंत सिन्हा को आंध्र प्रदेश, नागालैंड और सिक्किम में एक रिक्त स्थान मिला।
राज्यसभा के महासचिव और राष्ट्रपति चुनाव के रिटर्निंग ऑफिसर पी.सी. मोदी ने कहा कि गणना पूरी करने के बाद कोटा निकाला गया जिसमें द्रौपदी मुर्मू को उस कोटे से अधिक वोट मिले। इसके आधार पर मैंने निर्वाचन अधिकारी होने के नाते यह घोषणा की है। इसके बाद राज्यसभा के महासचिव और राष्ट्रपति चुनाव 2022 के लिए रिटर्निंग ऑफिसर पी.सी. मोदी ने दिल्ली में निर्वाचित राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को उनके आवास पर प्रमाण पत्र सौंपा।


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