दीवाली से पहले लागू होगा नया जीएसटी ढांचा, घटेंगे स्लैब, छोटे उद्योगों को मिलेगा फायदा

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August 15, 2026

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दीवाली से पहले लागू होगा नया जीएसटी ढांचा, घटेंगे स्लैब, छोटे उद्योगों को मिलेगा फायदा

-सरकार का बड़ा टैक्स सुधार

नई दिल्ली/अनीशा चौहान/- वित्त मंत्रालय ने एक नए जीएसटी ढांचे का प्रस्ताव रखा है, जिसमें मौजूदा चार स्लैब (5%, 12%, 18%, 28%) को घटाकर केवल दो स्लैब – स्टैंडर्ड और मेरिट – करने का सुझाव दिया गया है। कुछ चुनिंदा वस्तुओं पर विशेष दरें लागू होंगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 79वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर घोषणा की कि ये सुधार दीवाली तक लागू कर दिए जाएंगे। उनका कहना है कि इससे टैक्स का बोझ कम होगा और छोटे उद्योगों को सीधा लाभ मिलेगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में जीएसटी परिषद इस प्रस्ताव पर सितंबर में चर्चा करेगी। मंत्रालय का मानना है कि कंपनसेशन सेस खत्म होने से टैक्स दरों को सरल और स्थिर बनाना आसान होगा, जिससे जरूरी और महत्वाकांक्षी वस्तुओं पर टैक्स कम होगा।

बिजनेस और एमएसएमई को रफ्तार
नया जीएसटी ढांचा इन्वर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर को दुरुस्त करेगा, टैक्स वर्गीकरण को लेकर होने वाले विवाद कम करेगा और दरों में स्थिरता लाकर बिजनेस प्लानिंग को आसान बनाएगा। एमएसएमई और स्टार्टअप्स के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन और प्री-फिल्ड रिटर्न की सुविधा समय और लागत दोनों बचाएगी। निर्यातकों को ऑटोमेटेड रिफंड प्रक्रिया से तेज़ी से लाभ मिलेगा। इन बदलावों से छोटे और मझोले उद्यम सशक्त होंगे और उनकी प्रतिस्पर्धी क्षमता बढ़ेगी। वित्त मंत्रालय का मानना है कि यह कदम कारोबारी माहौल को और अनुकूल बनाएंगे, जिससे आर्थिक गतिविधियां तेज़ होंगी।

अर्थव्यवस्था को बूस्ट, रेवेन्यू में उछाल
वित्त वर्ष 2024-25 में जीएसटी संग्रह 9.4% की वृद्धि के साथ 22.08 लाख करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा। सरकार का दावा है कि जीएसटी सुधारों से खपत बढ़ेगी, आर्थिक गतिविधियां रफ्तार पकड़ेंगी और अर्थव्यवस्था का औपचारिकरण तेज होगा। इससे न केवल राजस्व में वृद्धि होगी, बल्कि देश की आर्थिक प्रगति को भी मजबूती मिलेगी। यह सुधार छोटे उद्योगों और आम उपभोक्ताओं के लिए राहत लेकर आएंगे, जिससे भारत की विकास यात्रा को नई दिशा मिलेगी।

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