दिल्ली साइबर सेल टीम ने इंटरस्टेट ठग गिरोह का किया पर्दाफाश

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

August 2026
M T W T F S S
 12
3456789
10111213141516
17181920212223
24252627282930
31  
August 22, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

दिल्ली साइबर सेल टीम ने इंटरस्टेट ठग गिरोह का किया पर्दाफाश

-पुलिस ने 4 दिन तक पीछा कर दबोचे गिरोह के तीन फरार अपराधी, कोरोना काल में पैरोल पर छुटे थे तीनो अपराधी -षातिर अपराधी पुलिस से बचने के लिए एक रात से ज्यादा नही रूकते थे एक जगह

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/नार्थ जिला/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/- दिल्ली के नाॅर्थ जिला पुलिस की साइबर सैल टीम ने चार दिन तक चार राज्यों में इंटर स्टेट ठग गिरोह का पीछा कर तीन फरार अपराधियों को दबोचा है। तीनो अपराधी कोरोना काल में पैरोल पर छुटे थे लेकिन फिर जेल वापिस नही गये और दौबारा से आपराधिक वारदातों को अंजाम देने में लग गये। पुलिस ने आरोपियों से एक लैपटॉप, 15 मोबाइल फोन, तीन वाईफाई डोंगल, 39 सिम कार्ड 85 हजार रूपये नगद, 12 बैंक अकाउंट के डेबिट कार्ड व चेक बुक तथा तीन नकली आधार कार्ड बरामद किये हैं। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है ताकि उनके गिरोह के और साथियों व वारदातों का पता लग सके।
                       नाॅथ जिला पुलिस डीसीपी अंटों अलफोंस ने बताया कि जिला की साइबर टीम ने बड़ा काम किया है। कई राज्यों की पुलिस इस गिरोह का तलाश कर रही थी लेकिन अभी तक किसी को इनका पता नही लग पाया था। आरोपी बड़े ही शातिर तरीके से वारदातों को अंजाम देते थे और फिर गायब हो जाते थे। वो पुलिस से बचने के लिए फाइव स्टार होटलों में रूकते थे और अगले दिन अपना ठिकाना बदल लेते थे। मार्च में बुरारी में रहने वाले एक व्यक्ति ने अपने खाते से 37 हजार रूपये निकल जाने की शिकायत की थी जिस पर एसीपी जयपाल सिंह ने साइबर सैल के एसआई रोहित, एसआई रोहित कुमार, एएसआई राजीव कुमार, महिला हवलदार सुनिता तथा सिपाही प्रकाश व अनिल को इस मामले को सुलझाने की जिम्मेदारी सौंपी। टीम ने अपना काम शुरू करते हुए शिकायतकर्ता के फोन पर आये मैसेजों व वाउचर कूपनों की जांच आरंभ की जिसमें भारी मात्रा में पैसों का हेरफेर व खरीदारी की गई थी। पुलिस ने इसी पर अपनी जांच टिकाई और फिर उन सभी जगहों की जांच की जहां-जहां से कूपन उपयोग में लाये गये। पुलिस ने जांच के आधार पर करीब 100 नंबर चिंहित किये और उन्हीे नंबरों के इतने ही वाॅलेट भी चिंहित किये। फिर पुलिस ने कुछ संदिग्ध लोगों की सीसीटीवी से पहचान की लेकिन पुलिस की तलाश के बाद भी उनका कहीं कोई अता-पता नही मिला। अंत में पुलिस ने सीसीटीवी में दिख रहे लोगों का आपराधिक रिकार्ड खंगालना शुरू किया तो पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली और तीन अपराधियों की पहचान हो गई। अब टीम ने इन्हे पकड़ने के लिए दिल्ली, चंडीगढ, यूपी व हरियाणा में कई जगह छापेमारी की। आखिर पुलिस ने सर्विलांस के माध्यम से चंडीगढ़ से आगरा जा रहे विकास झा व विक्की उर्फ हिमांशु उर्फ सोनू को कुरूक्षेत्र से पकड़ लिया। इसके बाद पुलिस ने उनसे मिली जानकारी के तहत  तीसरे आरोपी अविनाश कुमार उर्फ धुन्ना को भी गिरफ्तार कर लिया।
                          पुलिस की पूछताछ में कुछ चैकाने वाले तथ्य सामने आये जिनकी पुलिस जांच में जुटी है। आरोपियों में विकास झा कंप्यूटर एक्सपर्ट है। वह बैंकों से भारी मात्रा में ग्राहकों की जानकारी जुटाता था और फिर उन्हे डेबिट व क्रेडिट कार्ड बनाने के बहाने उनसे उनकी निजी जानकारी ले लेता था। उसने एक शिक्षा आधारित वेबसाइट भी बना रखी थी जिसके माध्यम से भी वह लोगों की निजी जानकारी जुटाता था। इसके बाद विकास झा उनके क्रेडिट कार्ड हैक कर उनसे खरीददारी करना तथा नकली खातों में पैसे ट्रांसफर कर लेता था। उसके दो साथी विक्की व अविनाश उसे नकली सिम कार्ड, नकली बैंक अकाउंटस नंबर उपलब्ध कराते थे जिनमे ंवह पैसे भेजता था। उनका ज्यादातर नेटवर्क पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, यूपी और मध्यप्रदेश था जहां से वो फोन व दूसरा सामान खरीदते थे। पुलिस ने बताया कि विकास पहले भी 21 ऐसे मामलों मंे आरोपी रहा है और कई बार जेल गया है। विकास ने अपने नकली खाते देश के विभिन्न शहरों में खोल रखे थे। जहां वह लगातार आता जाता रहता था जिसमें पुणे, पणजी, बंगलुरु, कोयंबटूर, इंदौर, जयपुर, सूरत, चंडीगढ,़ शिमला, आगरा और करनाल में ज्यादातर नकली खातों से पैसे का लेन-देन करता था। पुलिस ने बताया कि तीनों आरोपियों पर दिल्ली, गुरूग्राम व फरीदाबाद में काफी संख्या में मामले दर्ज हैं। पुलिस का कहना है कि आरोपियों से एक लैपटॉप, 15 मोबाइल फोन, तीन वाईफाई डोंगल, 39 सिम कार्ड 85 हजार रूपये नगद, 12 बैंक अकाउंट के डेबिट कार्ड व चेक बुक तथा तीन नकली आधार कार्ड बरामद किये है। डीसीपी ने साइबर सैल की इस उपलब्धी को शानदार कार्य बताया है।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox