दिल्ली साइबर पुलिस ने अंतरराज्यीय ऑनलाइन ठगी गिरोह का किया भंडाफोड़

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September 23, 2026

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दिल्ली साइबर पुलिस ने अंतरराज्यीय ऑनलाइन ठगी गिरोह का किया भंडाफोड़

-चार आरोपी गिरफ्तार, क्रिप्टो में बदलते थे ठगी की रकम

सिमरन मोरया/-  दिल्ली के उत्तरी जिले के साइबर पुलिस स्टेशन ने एक बड़े अंतरराज्यीय साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो “पार्ट टाइम जॉब” देने के नाम पर देशभर के लोगों को चूना लगा रहा था। यह कार्रवाई एक फैशन डिजाइनिंग की छात्रा की शिकायत के आधार पर शुरू की गई थी, जिससे ₹90,800 की ठगी की गई थी।

डीसीपी राजा बांठिया ने मामले के संदर्भ में बताया कि शिकायतकर्ता को व्हाट्सएप और टेलीग्राम के ज़रिए होटल और रेस्टोरेंट को रेटिंग देने के नाम पर काम दिलवाने का झांसा दिया गया। शुरू में उसे छोटी रकम लौटाकर विश्वास दिलाया गया, लेकिन बाद में कार्य ठीक से पूरा न करने का बहाना बनाकर लगातार अधिक रकम जमा करवाते रहे। इस तरह छात्रा से कुल ₹90,800 की ठगी की गई।

इस मामले में साइबर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तकनीकी जांच के आधार पर 100 से अधिक मोबाइल नंबर और बैंक खातों की गहन जांच की। फ्लिपकार्ट, जोमैटो, ब्लूडार्ट जैसी कंपनियों से जानकारी एकत्र की गई। तीन दिनों तक लगातार 1800 किलोमीटर की दूरी तय कर हरियाणा और राजस्थान में छापेमारी की गई। इस दौरान सोनीपत से अंशुल कुमार (20 वर्ष) और संदीप (19 वर्ष), तथा जोधपुर से राजेंद्र उर्फ राजू (23 वर्ष) और रविंद्र बेड़ा उर्फ राकेश (20 वर्ष) को गिरफ्तार किया गया।

पूछताछ में सामने आया कि आरोपी पहले चरण के खाताधारकों से बैंक खाते खरीदते थे और फिर इन्हें अन्य लोगों को बेच देते थे। ये खाते ठगी की रकम प्राप्त करने के लिए इस्तेमाल होते थे, जिन्हें बाद में USDT नामक क्रिप्टो करेंसी में बदल दिया जाता था। इस पूरे ऑपरेशन में आरोपी व्हाट्सएप और टेलीग्राम जैसे ऐप का इस्तेमाल करते थे और कोई भी चैट सबूत छोड़ने से पहले हटा दी जाती थी।

पुलिस ने इस कार्रवाई में आरोपियों के कब्जे से चार मोबाइल फोन, दो पासबुक और पांच सिम कार्ड बरामद किए हैं। साथ ही आरोपियों के बैंक खातों को फ्रीज कर शिकायतकर्ता की ₹30,000 की राशि जब्त कर ली गई है। पुलिस को इन खातों से संबंधित 15 अन्य ठगी शिकायतों की जानकारी भी मिली है।

पुलिस इस गिरोह में शामिल अन्य सहयोगियों और मास्टरमाइंड्स की तलाश में जुटी हुई है और मामले की जांच आगे जारी है। इस कार्रवाई से साफ हो गया है कि साइबर अपराधी अब बेहद संगठित और तकनीकी हो चुके हैं, और आम जनता को सतर्क रहने की आवश्यकता है।

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