

नजफगढ़ मेट्रो न्यूज/नई दिल्ली/शिवकुमार यादव । उत्तर जिला पुलिस ने रूप नगर इलाके में हुई 70 लाख रुपये की लूट की सनसनीखेज वारदात का खुलासा करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे और उनकी निशानदेही पर 30 लाख 23 हजार रुपये नकद, एक अपाचे मोटरसाइकिल, एक काला बैग, तीन डेबिट कार्ड और एक पैन कार्ड बरामद किया है। गिरफ्तार आरोपियों में बिहार के तीन, राजस्थान में पकड़ा गया एक, दिल्ली का एक और झारखंड का एक आरोपी शामिल है। पुलिस के मुताबिक, वारदात की साजिश चांदनी चौक के कूचा महाजनी इलाके में काम कर चुके मंटू यादव ने रची थी। उसे वहां नकदी के लेन-देन और बड़ी रकम लेकर आने-जाने वाले लोगों की गतिविधियों की जानकारी थी।
पुलिस के अनुसार, वारदात 24 अक्टूबर 2026 की है। शिकायतकर्ता अपने नियोक्ता के निर्देश पर मायापुरी से स्कूटी लेकर चांदनी चौक स्थित कूचा घासी राम, कूचा महाजनी पहुंचा था। वहां से उसने 70 लाख रुपये की नकदी एकत्र की और गिनती करने के बाद उसे काले बैग में रख लिया। बैग स्कूटी के आगे फुटरेस्ट पर रखकर वह रात करीब आठ बजे मायापुरी के लिए रवाना हुआ। रात करीब साढ़े नौ बजे जब वह डीएन रोड पर गुलाबी बाग अंडरपास और रोशनआरा पार्क के पास पहुंचा, तभी मोटरसाइकिल सवार तीन बदमाशों ने पीछे से आकर उसकी स्कूटी के आगे बाइक लगा दी और उसे रोक लिया।
आरोप है कि बदमाशों में से एक ने शिकायतकर्ता की आंखों में मिर्च पाउडर डाल दिया, जबकि अन्य दो ने उसके साथ मारपीट की। इसके बाद तीनों स्कूटी के आगे रखा 70 लाख रुपये से भरा बैग लेकर फरार हो गए। मामले में 26 अक्टूबर को थाना रूप नगर में एफआईआर संख्या 185/2026 दर्ज कर जांच शुरू की गई।
सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल कॉल डिटेल से खुला राज
उत्तर जिला पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना रूप नगर और स्पेशल स्टाफ की संयुक्त टीम गठित की। जांच के दौरान पुलिस ने कूचा महाजनी इलाके के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में शिकायतकर्ता की स्कूटी के पीछे दो अपाचे मोटरसाइकिलें जाती दिखाई दीं। पुलिस ने दोनों मोटरसाइकिलों के रजिस्ट्रेशन नंबर के आधार पर जांच आगे बढ़ाई। इसके बाद तकनीकी सर्विलांस और कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) के विश्लेषण से छह संदिग्धों की पहचान की गई। पुलिस टीम ने दिल्ली, राजस्थान और बिहार में अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी कर आरोपियों को गिरफ्तार किया।
राजस्थान, दिल्ली और बिहार में दबिश देकर गिरफ्तार किए आरोपी
पुलिस ने 29 अक्टूबर को राजस्थान के भिवाड़ी से योगेश कुमार को गिरफ्तार किया। उसके पास से 1 लाख 53 हजार 500 रुपये बरामद हुए। इसी दिन दिल्ली के बुराड़ी स्थित अपने घर से सीतू को गिरफ्तार किया गया। उसके कब्जे से 11 लाख 80 हजार रुपये नकद मिले। दोनों आरोपियों को अदालत में पेश कर दो दिन का पुलिस रिमांड लिया गया।
इसके अगले दिन 30 अक्टूबर को पुलिस ने बिहार में छापेमारी कर चंदन कुमार, सुषोभन उर्फ सोनू और मनीष कुमार उर्फ विक्की को गिरफ्तार किया। चंदन के पास से ढाई लाख रुपये और एक अपाचे मोटरसाइकिल, सुषोभन से एक लाख रुपये तथा मनीष से 5 लाख 29 हजार 500 रुपये बरामद किए गए। तीनों आरोपियों को बिहार की अदालत में पेश कर ट्रांजिट रिमांड हासिल किया गया।
मंटू के घर से आठ लाख रुपये और काला बैग बरामद
योगेश कुमार और सीतू से पूछताछ तथा उनसे मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने 31 अक्टूबर को चांदनी चौक के बल्लिमारान स्थित फाटक बरवाला से मंटू यादव को गिरफ्तार किया। उसकी निशानदेही पर घर से एक काले बैग में रखे 8 लाख 10 हजार रुपये बरामद किए गए। बैग से तीन डेबिट कार्ड और एक पैन कार्ड भी मिला। ये सभी दस्तावेज मंटू यादव के नाम पर बताए गए हैं।
पुलिस पूछताछ में मंटू ने कथित तौर पर खुलासा किया कि लूट की रकम में से अपने हिस्से के 3 लाख 1 हजार रुपये उसने अलग-अलग बैंक खातों में जमा कराए थे। इनमें अपने पंजाब नेशनल बैंक खाते में 1 लाख 30 हजार रुपये, बैंक ऑफ इंडिया खाते में 76 हजार रुपये, अपनी मां के खाते में 47 हजार 500 रुपये और बहन के पंजाब नेशनल बैंक खाते में 47 हजार 500 रुपये जमा कराने की बात कही। पुलिस इन जमाओं का संबंधित बैंक रिकॉर्ड से सत्यापन कर रही है।
नकदी की आवाजाही की जानकारी से रची गई साजिश
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में सामने आया कि मंटू यादव इस पूरी वारदात की साजिश रचने और आरोपियों को एकजुट करने में अहम भूमिका निभा रहा था। वह पहले चांदनी चौक के कूचा महाजनी में एक दुकान पर क्लीनर का काम करता था। इस दौरान उसे उन लोगों की गतिविधियों और नकदी लाने-ले जाने के बारे में जानकारी हो गई थी, जो नियमित रूप से बड़ी रकम लेकर वहां से निकलते थे।
आरोप है कि मंटू ने बिहार के गया जिले से जुड़े सुषोभन उर्फ सोनू और उसके साथियों के अलावा योगेश कुमार और सीतू को इस वारदात के लिए तैयार किया। मंटू का सहयोगी वकील भी कथित तौर पर नकदी लेकर जाने वाले लोगों की गतिविधियों की जानकारी जुटाने और साझा करने में मदद करता था। पुलिस अब वकील और पवन नाम के दो अन्य संदिग्धों की भूमिका की जांच कर रही है और उनकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।
सीतू पर पहले से छह आपराधिक मामले
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान चंदन कुमार (20), सुषोभन उर्फ सोनू (28), मनीष कुमार उर्फ विक्की (21), योगेश कुमार (30), सीतू (31) और मंटू यादव (25) के रूप में हुई है। चंदन चीनी व्यंजनों का रसोइया है, जबकि सुषोभन निजी क्षेत्र में डिलीवरी का काम करता है। मनीष और योगेश बिहार के गया जिले के निवासी हैं। सीतू दिल्ली के बुराड़ी इलाके में रहता है और पुलिस के अनुसार उसके खिलाफ पहले से लूट के छह मामलों में संलिप्तता दर्ज है। वहीं, झारखंड के चतरा जिले का निवासी मंटू यादव मजदूरी करता था।
पुलिस का कहना है कि मामले में अब तक छह आरोपियों को गिरफ्तार कर 30 लाख 23 हजार रुपये नकद बरामद किए जा चुके हैं। फरार संदिग्धों की तलाश जारी है और बरामद नकदी व बैंक खातों में जमा रकम का सत्यापन किया जा रहा है।





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