दिल्ली में ‘नो फ्यूल पॉलिसी’ लागू, पुराने वाहनों पर कसी नकेल

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दिल्ली में ‘नो फ्यूल पॉलिसी’ लागू, पुराने वाहनों पर कसी नकेल

-बिना वैध कागज़ों के नहीं मिलेगा पेट्रोल

नई दिल्ली/सिमरन मोरया/- 1 जुलाई से दिल्ली में वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है। दिल्ली सरकार ने एंड-ऑफ-लाइफ (EOL) वाहनों यानी 15 साल से पुराने पेट्रोल और CNG वाहनों तथा 10 साल से पुराने डीजल वाहनों को पेट्रोल पंपों पर ईंधन देने पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। इस नियम को लागू करने के लिए दिल्ली के सभी 520 पेट्रोल पंपों पर ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) कैमरों की तैनाती पूरी हो चुकी है।

 दिल्ली पुलिस, ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट और दिल्ली नगर निगम (MCD) की संयुक्त टीमें पेट्रोल पंपों पर तैनात हैं, ताकि इस नियम का सख्ती से पालन हो सकें। बता दें, दिल्ली सरकार के इस कदम का उद्देश्य राजधानी की हवा को स्वच्छ करना और पुराने या प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को सड़कों से हटाना है।

EOL की श्रेणी में कौन से वाहन आते हैं?
कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) के निर्देशानुसार, 15 साल से ज्यादा पुराने यानी 2010 से पहले रजिस्टर्ड पेट्रोल और CNG वाहन, तथा 10 साल से ज्यादा पुराने 2015 से पहले रजिस्टर्ड डीजल वाहन एंड-ऑफ-लाइफ (EOL) श्रेणी में आते हैं। इसके अलावा सभी प्रकार के वाहन, जिसमें दोपहिया, चार पहिया, कमर्शियल, और विंटेज वाहन शामिल हैं, चाहे वे दिल्ली में रजिस्टर्ड हो या किसी अन्य राज्य में।

ANPR कैमरों से सख्त निगरानी
दिल्ली सरकार ने वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए दिल्ली के 500 से अधिक पेट्रोल पंपों और 105 CNG स्टेशनों पर ANPR कैमरे लगाए गए हैं। जो वाहनों की नंबर प्लेट को स्कैन कर VAHAN डेटाबेस से उनकी उम्र और रजिस्ट्रेशन की जानकारी को तुरंत जांच में सक्षम हैं। अब अगर वाहन EOL श्रेणी में आता है, तो ऐसे वाहनों को ईंधन नहीं मिलेगा। इसके अलावा ऐसे वाहनों की तुरंत पहचान कर ANPR सिस्टम द्वारा अलर्ट दिया जाएगा। जिसके जरिए दिल्ली पुलिस और ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट की टीमें वाहन को जब्त कर जांच कर सकती है। साथ ही, ऐसे वाहनों के मिलने पर जुर्माना भी लगाया जाएगा।

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