तेजस्वी यादव का तीखा पलटवार, कहा- अल्पसंख्यकों को डराने की साजिश नहीं चलेगी

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तेजस्वी यादव का तीखा पलटवार, कहा- अल्पसंख्यकों को डराने की साजिश नहीं चलेगी

-वक्फ कानून पर बिफरे तेजस्वी

बिहार/सिमरन मोरया/- रविवार को बिहार की राजधानी पटना में वक्फ संशोधन कानून के विरोध में आयोजित रैली में विपक्ष के कई बड़े नेताओं ने शिरकत की थी। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भाषण दिया था, जिस पर राजनीतिक बयानबाजी शुरु हो गई है। सोमवार को राज्यसभा सुधांशु त्रिवेदी ने तेजस्वी यादव पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि विपक्ष के ‘समाजवाद’ को अगर ‘नमाजवाद’ कहा जाए तो यह गलत नहीं होगा। अब सुधांशु त्रिवेदी के बयान पर तेजस्वी यादव ने पलटवार किया है। जमुई में आयोजित एक प्रेस वार्ता में बोलते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि वो भगवान कृष्ण का वंशज हैं। साथ ही उन्होंने यह भी कहा है कि धर्म और जाति देखकर राजनीति नहीं चलने वाली है।

तेजस्वी यादव का पलटवार
तेजस्वी यादव ने सोमवार को कहा कि भाजपा सिर्फ धर्म के नाम पर बोलती है। हम भगवान श्रीकृष्ण के वंशज हैं। भागवत गीता उनका दिया हुआ है। भागवत गीता का कथावाचक यादव समाज और पिछड़ा समाज का कोई शख्स बने तो ये भाजपा वाले लोग उसका मुंडन करा देंगे। ये असली चरित्र है भाजपा का। नेता प्रतिपक्ष यादव ने भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी के आरोपों को लेकर भी जमकर पलटवार किया। उन्होंने सवाल करते हुए कहा कि भाजपा और सुधांशु त्रिवेदी का आजादी में कोई योगदान रहा है क्या? ये लोग तो अंग्रेज के गुलाम रहे हैं। उन्होंने कहा कि इमरजेंसी में इनके पिता जेल गए क्या? मेरे पिता जेल गए हैं। ये लोग क्या हम लोगों को बताने का काम करेंगे। बिहार में एकदम से वक्फ बिल को लागू नहीं होने दिया जाएगा। यहां धर्म और जाति देखकर राजनीति नहीं चलने वाली है। अब केवल काम के आधार पर और मुद्दों के आधार पर राजनीति होगी।

सुधांशु त्रिवेदी ने क्या कहा?
सुधांशु त्रिवेदी ने कहा, “हाल ही में भारत के लोकतांत्रिक इतिहास के सबसे भयावह अध्याय आपातकाल के 50 वर्ष पूरे हुए। लेकिन यह बेहद दुखद है कि कल पटना के उसी गांधी मैदान में, जहां आपातकाल के दौरान लाखों लोग संविधान की रक्षा के लिए अपनी जान की परवाह किए बिना जुटे थे, एक रैली आयोजित की गई जिसमें तेजस्वी यादव ने कहा कि हम संसद द्वारा पारित कानून को कूड़ेदान में फेंक देंगे। उन्होंने वक्फ एक्ट के बारे में कहा कि हम इसे कूड़ेदान में फेंक देंगे, जबकि इसे भारतीय संसद के दोनों सदनों द्वारा पारित किया गया है। इसका मतलब है कि संसद, न्यायपालिका के प्रति कोई सम्मान नहीं है। तेजस्वी यादव और भारतीय जनता पार्टी गठबंधन के अन्य नेताओं ने वोट बैंक के चक्कर में जो कुछ भी कहा है, उससे यह स्पष्ट है कि वे संविधान को कूड़ेदान में फेंकने की 50 साल पुरानी मानसिकता से बाहर नहीं आ पा रहे हैं।”

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