नई दिल्ली/अनीशा चौहान/- दिल्ली में तीन बच्चों की मौत के बाद सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा कदम उठाया है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले पर स्वयं ही संज्ञान लेकर दिल्ली और केंद्र सरकार को नोटिस भेजा है। सुनवाई के दौरान कोचिंग संस्थान के खिलाफ कोर्ट की नाराजगी भी उभर कर सामने आई। कोर्ट ने कहा कि “कोचिंग सेंटर देश के विभिन्न हिस्सों से आए छात्रों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहे हैं।” साथ ही कोर्ट ने कोचिंग सेंटर्स को ‘डेथ सेंटर’ बताया है। कोर्ट ने याचिकाकर्ता कोचिंग सेंटर फेडरेशन पर एक लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया है। गौरतलब है कि पिछले महीने कोचिंग सेंटर के बेसमेंट में पानी में डूबने के कारण तीन बच्चों की मौत हो गई थी। इसके बाद कई छात्रों ने कोर्ट से स्वत: संज्ञान लेने का आग्रह किया था।

कोर्ट ने जताई नाराजगी
तीन बच्चों की मौत पर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त टिप्पणी की है। साथ ही कोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकार को नोटिस जारी करके पूछा है कि क्या सेफ्टी के नियम लागू किए गए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने अटॉर्नी जनरल को इस मामले में कोर्ट की सहायता करने को कहा है। कोर्ट ने कहा कि हमेशा ये सोचना है कि अगर कोचिंग सेंटर सेफ्टी नॉर्म को पूरा नहीं करते तो इनको ऑनलाइन मोड में कर दिया जाना चाहिए। लेकिन फिलहाल हम ये नहीं कर रहे हैं। इसके साथ ही हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने वाले कोचिंग सेंटर फेडरेशन के अध्यक्ष, सचिव और कोषाध्यक्ष पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। दरअसल, हाई कोर्ट ने उन सभी कोचिंग संस्थानों को बंद करने का निर्देश दिया था, जिनके पास फायर एनओसी नहीं है। हाई कोर्ट के इसी फैसले के खिलाफ कोचिंग सेंटर फेडरेशन सुप्रीम कोर्ट पहुंची थी।


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