अनीशा चौहान/- दिल्ली सरकार ने सावन माह के पावन अवसर पर कांवड़ यात्रा के दौरान कांवड़ियों के स्वागत के लिए अभूतपूर्व तैयारियां की हैं। राजधानी की सीमाओं पर सत्रह भव्य स्वागत द्वार बनाए गए हैं, जिनका नाम बारह ज्योतिर्लिंगों और भगवान शिव के विभिन्न रूपों पर रखा गया है। दिल्ली सरकार के अनुसार, ये स्वागत द्वार महाकुंभ की भव्यता की तर्ज पर तैयार किए गए हैं।

सरकार के मंत्री ने आज इन स्वागत द्वारों का निरीक्षण करते हुए बताया कि 20 जुलाई को स्वयं मुख्यमंत्री दिल्ली सीमा पर पहुंचकर कांवड़ियों का भव्य स्वागत करेंगे। दिल्ली के विभिन्न विभागजैसे यातायात पुलिस, नगर निगम, पीडब्ल्यूडी, नागरिक सुरक्षा, स्वास्थ्य विभाग, जल बोर्ड और सफाई कर्मचारी पूरी तरह अलर्ट पर हैं और सभी व्यवस्थाएं चाकचौबंद कर दी गई हैं।

दिल्ली सरकार ने इस बार 374 कांवड़ शिविरों की व्यवस्था की है, जो पिछले वर्ष के मुकाबले दोगुने से भी अधिक हैं। बीते साल 170 शिविर लगाए गए थे, जबकि इस बार यह संख्या 374 तक पहुंच गई है। यह आंकड़ा इस बात का प्रतीक है कि लोगों ने मुख्यमंत्री की इस योजना का स्वागत किया है और इसे भरपूर समर्थन भी मिल रहा है।
हालांकि, कुछ राजनीतिक दलों और विरोधियों को यह आयोजन रास नहीं आ रहा। मंत्री कपिल मिश्रा ने इस पर टिप्पणी करते हुए कहा, “कांवड़ियों के स्वागत से कुछ लोगों के पेट में दर्द हो रहा होगा, और ये दर्द हर साल और बढ़ेगा क्योंकि हम हर साल इससे भी भव्य आयोजन करेंगे। दिल्ली में अब शिवभक्तों की सरकार है।”
उन्होंने यह भी घोषणा की कि आने वाले समय में छठ पूजा के अवसर पर भी इसी तरह का भव्य आयोजन किया जाएगा, जिससे आस्था और परंपरा को और अधिक सम्मान मिल सके।
आज मंत्री कपिल मिश्रा स्वयं कांवड़ शिविरों और स्वागत द्वारों का मौके पर जाकर जायजा लेंगे, ताकि व्यवस्था में कोई कमी न रह जाए और सभी शिवभक्तों को सुविधा मिले।
हर-हर महादेव!
दिल्ली अब कांवड़ियों का स्वागत सबसे भव्य ढंग से करेगी।


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