दिल्ली में अब बालवाटिका नीति में संशोधन की जरूरत- थान सिंह यादव

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October 25, 2026

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दिल्ली में अब बालवाटिका नीति में संशोधन की जरूरत- थान सिंह यादव

-पंचायत संघ ने दिल्ली में राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू करने पर केंद्र सरकार का जताया आभार

नईं दिल्ली/अनीशा चौहान/- दिल्ली पंचायत संघ के प्रमुख थान सिंह यादव ने राजधानी दिल्ली में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) लागू करने के लिए केंद्र सरकार का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि यह नीति शिक्षा के क्षेत्र में एक सकारात्मक बदलाव लाएगी लेकिन साथ ही उन्होने अब दिल्ली में बालवाटिका नीति में संशोधन की जरूरत भी बताई ताकि बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए मजबूत आधार तैयार हो सके।

पंचायत संघ प्रमुख थान सिंह यादव ने एनईपी के तहत प्रस्तावित तीन वर्षीय बालवाटिका कार्यक्रम को दो वर्षों तक सीमित करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि “बालवाटिका में दाखिले की न्यूनतम आयु चार वर्ष रखी जानी चाहिए ताकि शारीरिक और मानसिक रूप से कमजोर बच्चे भी तैयारी का समय प्राप्त कर सकें।” उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि बालवाटिका का प्रथम वर्ष पूरी तरह खेलकूद आधारित रखा जाए, जिससे बच्चों का मानसिक, शारीरिक और सामाजिक विकास मज़बूती से हो सके।

थान सिंह यादव ने केंद्र और दिल्ली सरकार से यह मांग भी की है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति को दिल्ली के सभी स्कूलों में एक समान रूप से लागू किया जाए। उन्होंने कहा कि “दिल्ली देहात, गांव, अनधिकृत कॉलोनियों और जे.जे. क्लस्टर में रहने वाले अधिकतर बच्चे नगर निगम, दिल्ली सरकार और अन्य सरकारी स्कूलों पर निर्भर हैं। इन स्कूलों में बुनियादी ढांचे और सुविधाओं को दुरुस्त किया जाना आवश्यक है ताकि छम्च् का लाभ इन बच्चों तक भी समान रूप से पहुंचे।”

पंचायत संघ प्रमुख ने कहा की पब्लिक स्कूलों में बालवाटिका के लिए एक समान वार्षिक व विकास शुल्क व मासिक फीस नीति लागू करने की भी अपील की। उन्होंने कहा कि “वर्तमान में पब्लिक स्कूलों में वार्षिक व विकास शुल्क, मासिक फीस आदि के नाम पर अभिभावकों पर भारी आर्थिक बोझ डाला जाता है। सरकार को चाहिए कि बालवाटिका की अधिकतम वार्षिक फीस तय करे और यह नीति दिल्ली के सभी क्षेत्रोंकृदेहात, गांव, कच्ची कॉलोनियों और शहरी इलाकों में समान रूप से लागू हो।”

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