दिल्ली पंचायत संघ का आरोप: गांवों को विकास के साथ मालिकाना हक नहीं मिला, सरकार से ठोस कदम की मांग

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October 8, 2026

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दिल्ली पंचायत संघ का आरोप: गांवों को विकास के साथ मालिकाना हक नहीं मिला, सरकार से ठोस कदम की मांग

मानसी शर्मा /-  दिल्ली के गांवों में विकास के साथ ग्रामीणों को उनकी जमीन पर मालिकाना हक दिए जाने की मांग दिल्ली पंचायत संघ ने उठाई है। संघ प्रमुख थान सिंह यादव ने दिल्ली सरकार और केंद्र सरकार से तुरंत ठोस कदम उठाने की अपील की है।

यादव ने कहा, “देशभर में प्रधानमंत्री स्वामित्व योजना के तहत ग्रामीणों को संपत्ति का अधिकार दिया जा रहा है, लेकिन दिल्ली के गांव आज भी इस अधिकार से वंचित हैं। लाल डोरा और विस्तारित लाल डोरा क्षेत्र की आबादी अपनी ही जमीन पर मालिकाना हक से वंचित है, जिससे गांवों का समुचित विकास बाधित हो गया है।”

उन्होंने यह भी कहा कि झुग्गी निवासियों को सरकार ने ‘जहां झुग्गी, वहां मकान’ योजना के तहत मालिकाना हक दिया, लेकिन सदियों से बसे गांव अभी भी उपेक्षित हैं।

ग्रामीणों पर टैक्स, हक नहीं

थान सिंह यादव ने आरोप लगाया कि ग्रामीणों पर संपत्ति कर सहित कई तरह के टैक्स लगाए गए हैं, जबकि जमीन के मालिक होने के बावजूद उन्हें मालिकाना हक नहीं मिला। उन्होंने कहा, “सरकार टैक्स वसूल रही है, लेकिन हक देने पर चुप्पी साधे हुए है। दिल्ली का देहात, गांव, ग्रामीण और किसान दशकों से दोयम दर्जे का व्यवहार झेल रहे हैं।”

यादव ने कहा कि अब गांवों और ग्रामीणों से किए गए वादों को पूरा करने का समय आ गया है। चूंकि केंद्र, दिल्ली और नगर निगम तीनों पर एक ही सरकार का शासन है, ग्रामीणों को भरोसा है कि अब उन्हें उनके हक जल्द मिलेंगे।

दिल्ली पंचायत संघ की प्रमुख मांगें

लाल डोरा और विस्तारित लाल डोरा क्षेत्र की आबादी को मालिकाना हक दिया जाए।

गांवों को व्यावसायिक श्रेणी में शामिल कर रोजगार के अवसर बढ़ाए जाएं।

गांवों पर लगाए गए संपत्ति और अन्य टैक्सों की समीक्षा की जाए।

गांवों को भवन उपनियम से मुक्त किया जाए।

गांवों में पर्याप्त पार्किंग स्थल बनाए जाएं।

गांवों और देहात में सीएमश्री स्कूल और आरोग्य मंदिर की संख्या बढ़ाई जाए।

थान सिंह यादव ने बताया कि पंचायत संघ ने बजट 2025-26 में दिल्ली के देहात, गांव, ग्रामीण और किसानों के लिए डेढ़ दर्जन सुझाव सरकार को भेजे थे। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार इन सुझावों पर जल्द कार्रवाई करके गांव और देहात के विकास का मार्ग प्रशस्त करेगी।

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