
बुजुर्गों को मिलने वाली ओल्ड एज पेंशन (OAP) के आवेदनों के निपटारे में लगातार हो रही देरी पर दिल्ली सरकार के समाज कल्याण विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। अब ताजा जारी आदेश में विभाग ने कहा है कि सभी लंबित पेंशन आवेदनों का निपटारा नया रिमाइंडर जारी होने की तारीख से 7 कार्य दिवसों के भीतर किया जाए। उन आवेदनों को प्राथमिकता मिलेगी, जो निर्धारित 45 दिन की समयसीमा पूरी करने के बाद भी लंबित हैं।
समाज कल्याण विभाग की ओर से जारी रिमाइंडर में कहा गया है कि बीते 14 सितंबर को जारी निर्देशों के बावजूद पेंशन आवेदनों की पेंडेंसी बनी हुई है। इस पर तत्काल ध्यान देने की जरूरत है। विभाग ने जिला समाज कल्याण अधिकारियों (DSWO) को लंबित आवेदनों के समयबद्ध निपटारे के साथ रोजाना स्टेज-वाइज पेंडेंसी की निगरानी करने को कहा है। सरकार ने आवेदनों के निपटारे के लिए 6 वेलफेयर अधिकारियों की एक क्विक रिस्पांस टीम (QRT) भी बनाई है।
विभाग ने पेंशन आवेदनों को जल्द से जल्द निपटान का दिया निर्देश

दरअसल, विभाग ने इससे पहले 14 सितंबर को सर्कुलर जारी कर लंबित ओल्ड एज पेंशन आवेदनों को जल्द से जल्द निपटान का निर्देश दिया था। उस सर्कुलर में 5 सितंबर की स्थिति रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा गया था कि 50% से अधिक बुजुर्गों की पेंशन के आवेदनों का निर्धारित 45 दिन की समय सीमा के बाद भी निपटारा नहीं हुआ। उसे निपटने के लिए फिर 16 सितंबर को एक और आदेश जारी कर QRT का गठन कर जल्द निपटारा करने को कहा गया है। फिर भी 30% से अधिक आवेदन लंबित हैं। सरकार ने इस बार जारी आदेश में आवेदनों के सत्यापन में तेजी लाने के लिए जिलों में अतिरिक्त वेरिफायर भी तैनात किए हैं।

अतिरिक्त वेरिफायर के इस्तेमाल की मंजूरी
DSWO को इन अतिरिक्त वेरिफायर का इस्तेमाल कर लंबित आवेदनों का जल्द निपटारा करने और हर स्तर पर लंबित मामलों की रोजाना निगरानी करने को कहा है। विभाग ने साफ किया है कि कोई भी आवेदन बिना किसी वैध कारण के लंबित नहीं रहना चाहिए। अगर तय समय से अधिक देरी होती है तो संबंधित अधिकारी या कर्मचारी की जिम्मेदारी तय की जाएगी। लागू नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी, जिसमें जुर्माने का भी प्रावधान है।





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