त्रिनिदाद और टोबैगो में पीएम मोदी का संबोधन: ‘जहां पक्षियों की चहचहाहट है, वहां मेरा दिल बसता है’

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त्रिनिदाद और टोबैगो में पीएम मोदी का संबोधन: ‘जहां पक्षियों की चहचहाहट है, वहां मेरा दिल बसता है’

त्रिनिदाद/सिमरन मोरया/- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और T&T की प्रधानमंत्री कमला प्रसाद-बिसेसर ने नेशनल साइक्लिंग वेलोड्रोम, कोवा में एक सामुदायिक कार्यक्रम को संबोधित किया।इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि”मैं कुछ समय पहले ही इस खूबसूरत भूमि पर आया हूं, जहां पक्षियों की चहचहाहट गूंजती रहती है। और मेरा पहला संवाद यहां के भारतीय समुदाय से हुआ। यह बिलकुल स्वाभाविक लगता है, क्योंकि हम एक ही परिवार का हिस्सा हैं।

पीएम मोदी ने कहा कि त्रिनिदाद और टोबैगो में भारतीय समुदाय की यात्रा साहस से भरी है। आपके पूर्वजों ने जिन परिस्थितियों का सामना किया, उसने सबसे मजबूत आत्माओं को भी तोड़ दिया होगा। लेकिन उन्होंने उम्मीद के साथ कठिनाइयों का सामना किया। उन्होंने समस्याओं का डटकर सामना किया। उन्होंने गंगा और यमुना को पीछे छोड़ दिया, लेकिन अपने दिल में रामायण को ले गए। उन्होंने अपनी मिट्टी छोड़ी, लेकिन नमक नहीं। वे केवल प्रवासी नहीं थे; वे एक शाश्वत सभ्यता के संदेशवाहक थे। उनके योगदान ने इस देश को सांस्कृतिक, आर्थिक और आध्यात्मिक रूप से लाभान्वित किया है।

तब से लेकर अब तक 25 साल हो चुके हैं- पीएम मोदी
भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “जब मैं पिछली बार आया था, तब से लेकर अब तक 25 साल हो चुके हैं। तब से लेकर अब तक हमारी दोस्ती और भी मजबूत हुई है। बनारस, पटना, कोलकाता और दिल्ली भले ही भारत के शहर हैं, लेकिन यहां की सड़कों के नाम भी हैं। नवरात्र, महाशिवरात्रि और जन्माष्टमी यहां हर्ष, उल्लास और गर्व के साथ मनाई जाती है। उन्होंने कहा कि चौताल और भटक गण यहां खूब फलते-फूलते हैं। मैं यहां कई जाने-पहचाने चेहरों की गर्मजोशी देख सकता हूं। मैं युवा पीढ़ी की चमकीली आंखों में जिज्ञासा देख सकता हूं, जो एक-दूसरे को जानने और साथ-साथ बढ़ने के लिए उत्सुक हैं। हमारे रिश्ते भूगोल और पीढ़ियों से कहीं आगे तक फैले हुए हैं।

जो हमारे मूल्यों को, हमारे संस्कारों को हमेशा जीवंत रखती है- पीएम मोदी
भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए  प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “अयोध्या में राम मंदिर की प्रकृति और सरयू नदी का कुछ जल लाना मेरे लिए सम्मान की बात है। सरयू जी और पवित्र संगम का  ये जल आस्था का अमृत है। ये वो प्रवाहमान धारा है, जो हमारे मूल्यों को, हमारे संस्कारों को हमेशा जीवंत रखती है।

सरयू नदी और महाकुंभ का पवित्र जल यहां गंगा धारा में अर्पित करें- पीएम मोदी
भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए  प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “आप सभी जानते हैं कि इस वर्ष की शुरुआत में दुनिया का सबसे बड़ा आध्यात्मिक समागम महाकुंभ हुआ था। मुझे महाकुंभ का जल अपने साथ ले जाने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। मैं कमला जी से अनुरोध करता हूं कि वे सरयू नदी और महाकुंभ का पवित्र जल यहां गंगा धारा में अर्पित करें।

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