तीरंदाजी में डोपिंग का नया मामला, अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी पर गिरी गाज

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-भारतीय तीरंदाजी की छवि पर फिर उठे सवाल

नई दिल्ली/उमा सक्सेना/-  भारतीय तीरंदाजी एक बार फिर विवादों में आ गई है। अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व कर चुके तीरंदाज सुखमणि गजानन बाबरेकर का नाम डोपिंग मामले में सामने आया है। यह भारतीय तीरंदाजी में डोपिंग का तीसरा मामला माना जा रहा है। लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों ने खिलाड़ियों की निगरानी, प्रशिक्षण व्यवस्था और एंटी-डोपिंग तंत्र की प्रभावशीलता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

नाडा की जांच में प्रतिबंधित पदार्थ मिला
राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी की जांच में सुखमणि के नमूने में प्रतिबंधित दवा टरब्यूटालाइन पाए जाने की पुष्टि हुई है। यह पदार्थ विश्व डोपिंग रोधी एजेंसी की प्रतिबंधित सूची में शामिल है। जांच के बाद नाडा ने खिलाड़ी से इस दवा के सेवन को लेकर स्पष्टीकरण मांगा है। प्रारंभिक स्तर पर सुखमणि ने अस्थायी निलंबन स्वीकार कर लिया है।

औरंगाबाद में लिया गया था सैंपल
जानकारी के अनुसार, सुखमणि का नमूना औरंगाबाद स्थित राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र में लिया गया था। उस समय वह प्रशिक्षण शिविर में मौजूद थे। यह नमूना प्रतियोगिता के दौरान नहीं, बल्कि सामान्य जांच प्रक्रिया के तहत लिया गया था। बाद में रिपोर्ट में प्रतिबंधित तत्व मिलने के बाद खिलाड़ी को दूसरा नमूना जांचने का विकल्प भी दिया गया, लेकिन उन्होंने दोबारा परीक्षण कराने से इनकार कर दिया।

जवाब नहीं मिला तो लग सकता है लंबा प्रतिबंध
अब नाडा ने सुखमणि से पूछा है कि यह प्रतिबंधित पदार्थ उनके शरीर में कैसे पहुंचा। यदि वह संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए, तो उन पर दो से चार वर्षों तक का प्रतिबंध लगाया जा सकता है। इससे उनका करियर प्रभावित हो सकता है और आने वाले बड़े टूर्नामेंटों में उनकी भागीदारी भी रुक सकती है।

पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
भारतीय तीरंदाजी में डोपिंग के मामले बेहद कम रहे हैं, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में दो अन्य खिलाड़ियों के नाम भी ऐसे विवादों में सामने आ चुके हैं। यही वजह है कि अब यह खेल भी डोपिंग के खतरे से अछूता नहीं माना जा रहा। विशेषज्ञों का मानना है कि खिलाड़ियों को इस्तेमाल होने वाली दवाओं और सप्लीमेंट्स के प्रति अधिक सतर्क रहने की जरूरत है।

एक और तीरंदाज पर लटकी कार्रवाई की तलवार
इसी बीच एक अन्य प्रमुख तीरंदाज प्रथमेश जावकर भी जांच के घेरे में हैं। उन पर यह आरोप है कि उन्होंने कई बार अपने लोकेशन विवरण सही समय पर उपलब्ध नहीं कराए, जिससे डोपिंग जांच करने वाली एजेंसियों को परेशानी हुई। यदि वह भी उचित जवाब नहीं दे पाए, तो उन पर भी कार्रवाई हो सकती है।

महासंघ अब जारी करेगा सख्त दिशा-निर्देश
लगातार बढ़ते मामलों को देखते हुए भारतीय तीरंदाजी महासंघ अब खिलाड़ियों के लिए नए दिशा-निर्देश तैयार कर रहा है। इसमें खिलाड़ियों को डोपिंग रोधी नियमों का सख्ती से पालन करने, दवाओं का सेवन सोच-समझकर करने और हर समय अपनी जानकारी अपडेट रखने की हिदायत दी जाएगी। महासंघ चाहता है कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से भारतीय तीरंदाजी की छवि को नुकसान न पहुंचे।

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