नई दिल्ली/सिमरन मोरया/- डूंगरपुर मामले में जेल में बंद आजम खान को कोर्ट ने गुरुवार को 10 साल जेल की सजा सुनाई है. यह मामला 6 दिसंबर 2016 का है। साथ ही कोर्ट ने 14 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। डूंगरपुर मामले में आजम खान पर जबरन कॉलोनी खाली कराने, मारपीट और लूटपाट का आरोप लगा था। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए 2019 में केस दर्ज किया गया। मामले की सुनवाई रामपुर के एमपी-एमएलए सेशन कोर्ट में चल रही थी।
समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान को रामपुर की एमपी एमएलए कोर्ट ने डूंगरपुर बस्ती के एक और मामले में दोषी करार दिया है। कोर्ट ने इस मामले में 10 साल की जेल और 14 लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। कोर्ट ने इस दौरान एक और आरोपी बरकत अली को भी दोषी ठहराया है। कोर्ट ने बरकत अली को 7 साल की सजा सुनाई है. कोर्ट ने आजम खान और ठेकेदार बरकत अली को लूट, मारपीट, गाली-गलौज, बस्ती को खाली कराने के लिए साजिश रचने के मामले में दोषी पाया है।
10 लाख का जुर्माना भी
इस मामले में रामपुर एमपी एमएलए कोर्ट ने आजम खान पर 14 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है. कोर्ट ने इस मामले में आजम खान को 10 साल और बरकत अली को 7 साल की जेल की सजा सुनाई है।
क्या है डूंगरपुर मामला
दरअसल डूंगरपुर एक इलाका है जो कि रामपुर के पुलिस लाइन इलाके के पास है। यहां पर आसरा नाम की कॉलोनी बनाई गई थी। इसी कॉलोनी को बनाने के लिए इस जमीन पर पहले से बने मकानों को अवैध करार देकर खाली कराया गया था। 2016 में यहां पर कई मकानों को तोड़ा गया था। वहीं एक दरोगा पर आरोप है कि उसने लोगों को डराने के लिए हवाई फायर भी किया था। नन्हे खां के बेटे अबरार ने अपनी शिकायत में आजम के खिलाफ वाशिंग मशीन, घर में रखे जेवर और 5 हजार रुपये नकद लूट का आरोप भी लगाया था।


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