डीयू छात्र संघ चुनाव: बॉन्ड की जगह हलफनामा अनिवार्य

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October 16, 2026

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डीयू छात्र संघ चुनाव: बॉन्ड की जगह हलफनामा अनिवार्य

-चुनाव में नया नियम, अब पैरेंट्स की भी जिम्मेदारी

नई दिल्ली/सिमरन मोरया/-  दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव को लेकर सरगर्मियां जोरों पर हैं। विश्वविद्यालय चुनाव के नियमों में जल्द ही एक बड़े बदलाव का नोटिफिकेशन जारी करने जा रहा है। अब छात्र संघ के चुनाव लड़ने वालों को एक लाख रुपये का सिक्योरिटी बॉन्ड जमा नहीं करना होगा। इसके बदले उन्हें एक एफिडेविट देना होगा।

वहीं दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव में अब उम्मीदवारों को एफिडेविट देना होगा। पहले एक लाख रुपये का बॉन्ड जमा करना होता था। दिल्ली हाई कोर्ट ने बॉन्ड वाली शर्त हटा दी थी। इसके बाद दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ सलाहकार समिती ने मंगलवार को यह फैसला लिया है। समिति के चेयरपर्सन रजनी अब्बी ने बताया कि इस साल वोटिंग ईवीएम से होगी।

माता-पिता को आर्थिक रूप से ठहराया जाएगा जिम्मेदार
दिल्ली हाई कोर्ट ने पहले छात्रों से 1 लाख रुपये का सिक्योरिटी बॉन्ड लेने के नियम को हटा दिया है। लेकिन अब विश्वविद्यालय ने इस जिम्मेदारी को माता-पिता पर डाल दिया है। अब अगर छात्र चुनाव के नियमों को तोड़ते हैं, तो उनके माता-पिता को आर्थिक रूप से जिम्मेदार ठहराया जाएगा।

क्या है नया नियम?
नए नियम के अनुसार, माता-पिता को एक बॉन्ड भरना होगा। इसमें उन्हें यह घोषणा करनी होगी कि वे अपने बच्चे के चुनाव प्रचार के दौरान किसी भी तरह के नियमों के उल्लंघन के लिए एक लाख रुपये तक की जिम्मेदारी लेंगे। इसमें विश्वविद्यालय या कॉलेज की संपत्ति को नुकसान पहुंचाना भी शामिल है। माता-पिता को यह भी मानना होगा कि चुनाव अधिकारी का फैसला उन पर और उनके बच्चे पर बिना किसी विरोध के मान्य होगा। यह नियम चुनाव के दौरान और बाद में भी लागू रहेगा।
छात्रों को एक शपथ पत्र भी देना होगा। इसमें उन्हें यह कहना होगा कि अगर वे या उनके समर्थक सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाते हैं, तो वे विश्वविद्यालय को 1 लाख रुपये देंगे। उन्हें यह भी बताना होगा कि उनके माता-पिता ने उनकी उम्मीदवारी के लिए सहमति दे दी है और वे “जमानत” के रूप में खड़े होने के लिए तैयार हैं।

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