जालंधर सिविल अस्पताल के आईसीयू में ऑक्सीजन बाधित होने से 3 मरीजों की मौत

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जालंधर सिविल अस्पताल के आईसीयू में ऑक्सीजन बाधित होने से 3 मरीजों की मौत

-2 मरीजों की बचाई जान

नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/- रविवार रात जालंधर के सिविल अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब आईसीयू में ऑक्सीजन सप्लाई अचानक 2 मिनट के लिए बंद हो गई। इस तकनीकी गड़बड़ी के कारण 3 गंभीर मरीजों की मौत हो गई, जबकि 2 अन्य मरीजों की जान बचा ली गई। घटना रात करीब साढ़े 8 बजे हुई। जब ऑक्सीजन सप्लाई बंद हुई तो डॉक्टर और टेक्नीशियन तुरंत एक्टिव हो गए, लेकिन सप्लाई को दोबारा चालू करने में लगभग 2 मिनट का समय लग गया। इतने में आईसीयू में भर्ती तीन मरीजों की हालत बिगड़ गई और उनकी मौत हो गई। मृतकों की पहचान अर्चना (15), अवतार लाल (32) और राजू (30) के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, अर्चना को 17 जुलाई को सांप के काटने के बाद भर्ती किया गया था, अवतार लाल को 27 जुलाई को नशे की ओवरडोज के चलते लाया गया था, जबकि राजू 24 जुलाई से टीबी के इलाज के लिए भर्ती थे।

अस्पताल में परिजनों का विरोध
घटना की जानकारी मिलते ही अस्पताल में मौजूद परिजनों ने जमकर विरोध किया। हंगामे की स्थिति को देखते हुए स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह रात करीब सवा एक बजे सिविल अस्पताल पहुंचे। उन्होंने डॉक्टरों के साथ बंद कमरे में बैठक की और मामले की गंभीरता को समझा।

डॉ. बलबीर सिंह ने कहा, अगर किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो उसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होगी। डीसी हिमांशु अग्रवाल भी देर रात मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।

जांच के लिए 9 सदस्यीय कमेटी गठित
सिविल अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. राज कुमार ने बताया कि घटना में तीन लोगों की जान गई है और इसकी जांच के लिए 9 सदस्यीय समिति बनाई गई है। यह कमेटी दो दिन में अपनी रिपोर्ट सौंपेगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

डॉ. राज कुमार ने कहा, यह जांच की जाएगी कि यह पूरी तरह तकनीकी फॉल्ट था या किसी स्टाफ मेंबर की गलती। अगर किसी की भी लापरवाही पाई गई तो उस पर सख्त एक्शन लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि जांच कमेटी में अलग-अलग विभागों के विशेषज्ञ शामिल हैं जो अपने-अपने स्तर पर रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं।

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