छठ महापर्व एवं दिल्ली के क्षेत्रीय स्तर पर दिखा इसका माहौल

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

June 2026
M T W T F S S
1234567
891011121314
15161718192021
22232425262728
2930  
June 22, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

छठ महापर्व एवं दिल्ली के क्षेत्रीय स्तर पर दिखा इसका माहौल

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/संजीव कुमार/– चाहे डूबता हुआ सूरज हो या उगता हुआ सबके मन मे एक ही आस है छठी मईया सबकी झोली मे खुशियाँ भरे खुशियाँ भरे, पूर्वांचल मे रहने वालो के लिए छठ मात्र एक पर्व नहीं महापर्व है जो की आस्था का विषय है जिसमे लोग इसे मनाने के लिए अपने घर जाते है, सायद ये एक बहाना ही सही शहर मे रह रहे इंसान के लिए परिवार से मिलने का, उनका आशीर्वाद पाने का, छठ पूजा 4 दिन का पर्व होता है नहाय-खाय, खरना, संध्या अर्घ और पारण (भौर अर्घ ) जो की बड़ी नियम निष्ठा से किया जाता है जिसमे  घर का एक व्यक्ति व्रत रखता है बिना जल के साथ ही नियमों का पालन करते हुए, सध्या क़ो अर्घ देते समय घाट के जल मे खड़ा रहना पड़ता है जो की कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की चौथी तिथि को छठ पूजा का प्रथम  दिन होता है इसकी मान्यता इतनी है अब बिहार ही नहीं उत्तर प्रदेश से लेकर झारखण्ड, नेपाल तट समेत निचले राज्यों मे भी इसको बड़ी मान्यताओं के साथ मनाया जाता है,ऐसे ही दिल्ली प्रदेश मे भी श्रद्धालू यमुना तट, या अन्य घाट जहा सरकार की व्यवस्था होती है वहां जाते है।

वही बात करे तो दिल्ली मे काफ़ी ऐसे श्रद्धालू है जो की समाज मे रहकर ही अपने मोहल्ले मे या गलियों मे मिलकर घाट मिलकर तैयार करते है वही एक परिवार की तरह इस महापर्व क़ो मनाते है,जैसा की हमें पता है कि कोरोना मे स्थिति ऎसी बनी थी कि जहा मिलना जुलना संभव नहीं उसके पश्चात जैसे दिवाली मे रौनक थी वैसे ही छठ पर इस बार बार उलास से बनाया गया, मंडोली के प्रताप नगर क्षेत्र मे इस बार छठ महापर्व का आयोजन बड़े धूमधाम से सभी पूर्वांचल के लोगो ने मिलकर किया जो कि बहुत अद्धभुत रहा जैसी पर श्रद्धालुओं से जब बात कि तो उन्होंने इसकी महानता क़ो हमारे साथ साझा किया।

यहाँ तक कि  लोगो ने ये भी कहा कि इसकी मान्यता इतनी है कि अब हिन्दू ही नहीं मुस्लिम भी इसको बना रहे है श्रद्धालुओं का ये भी कहना था हम यहाँ मिलकर घाट तैयार करते है सबके सहयोग से जिसमे उन्हें बाकि समाज के लोगो का भी सहयोग मिलता है इसी के साथ छठ पर्व के पारण मे सूरज क़ो अर्घ देखर इस महापर्व का समापन हुआ।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox