‘चुनौतियों से निपटने को वैश्विक सहयोग की आवश्यकता- सीतारमण

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

August 2026
M T W T F S S
 12
3456789
10111213141516
17181920212223
24252627282930
31  
August 18, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

‘चुनौतियों से निपटने को वैश्विक सहयोग की आवश्यकता- सीतारमण

-वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2023 का मुंबई में किया उद्घाटन

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/मुंबई/शिव कुमार यादव/– मुंबई में मंगलवार को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2023 का उद्घाटन करते हुए वैश्विक सहयोग पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि हम एक ऐसी दुनिया में रह रहे हैं, जो कई चुनौतियों का सामना कर रही है। ऐसे में वैश्विक सहयोग की आवश्यकता है।

दरअसल, वित्त मंत्री सीतारमण ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2023 के चौथे संस्करण के उद्घाटन सत्र में पहुंची थीं। इस मौके पर उन्होंने कहा कि हम एक बहुत ही बहु-ध्रुवीय, बहुत गतिशील और मजबूत दुनिया में रह रहे हैं, जो कई संकटों का सामना कर रही है। ऐसे में वैश्विक सहयोग की बहुत आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि चाहे रणनीतिक मुद्दा हो, अर्थव्यवस्था का मुद्दा हो या कोई और। सभी से निपटने के लिए वैश्विक सहयोग की आवश्यकता है।

उत्तराधिकारी को जरूर करें नामांकित
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को बैंकों और वित्तीय संस्थानों से यह सुनिश्चित करने को कहा कि ग्राहक हमेशा अपने उत्तराधिकारी को नामांकित करें। इससे ऐसी स्थिति से बचा जा सकेगा, जिसमें लावारिस धन में कमी आएगी।
           ग्लोबल फिनटेक फेस्ट में सीतारमण ने कहा कि मैं चाहती हूं कि बैंकिंग प्रणाली, म्यूचुअल फंड, शेयर बाजार सहित वित्तीय पारिस्थितिकी तंत्र हर कोई यह ध्यान रखे कि जब कोई ग्राहक पैसे का लेनदेन करता है, तो संगठनों को भविष्य के बारे में सोचना होगा और यह सुनिश्चित करना होगा कि वे (ग्राहक) अपने उत्तराधिकारी को नामांकित करें, नाम और पता दें।

दरअसल, कई बार लोग उत्तराधिकारी नामांकित नहीं करते हैं, जिससे उनके निधन के बाद उस धन पर दावा करने वाला कोई नहीं होता है। एक रिपोर्ट के अनुसार, अकेले बैंकिंग प्रणाली में 35,000 करोड़ रुपये से अधिक लावारिस जमा राशि है, जबकि लावारिस धन की कुल मात्रा 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक है।
             वित्त मंत्री ने कहा कि एक जिम्मेदार वित्तीय पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण करना आवश्यक है। ऐसे में छोटी सी लापरवाही भी परेशानी पैदा कर सकती है। उन्होंने फिनटेक कंपनियों से साइबर सुरक्षा में निवेश करने को कहा।

About Post Author

Subscribe to get news in your inbox