अज्ञान और तिमिर के विनाशक होते है गुरु।
ज्ञानपुंज के प्रकाशक होते है गुरु॥
सत्य का साक्षात्कार स्वरूप है गुरु।
धर्म के उपासक होते है गुरु॥
ईश्वर के अस्तित्व का बोध कराते है गुरु।
मन के संशय के निवारक है गुरु।।
अनवरत समस्याओं का समाधान करते है गुरु।
जीवन कौशल के उत्तम जनक है गुरु॥
ज्ञान पिपासु बनाते है गुरु।
संगत से रंगत बदलते है गुरु॥
सपनों को साकार स्वरूप देते है गुरु।
उत्तम गुणों के शिल्पकार है गुरु॥
संस्कारों के रचयिता होते है गुरु।
जीवन को नित नवीन रंग देते है गुरु॥
ज्योतिपुंज के प्रसारक होते है गुरु।
जीवन पथ को देदीप्यमान करते है गुरु॥
जीवन की मति और गति के निर्धारक है गुरु।
जीवन में सम्मान दिलाते है गुरु॥
ईश्वर के ही दूत होते है गुरु।
अध्यात्म का मार्ग प्रशस्त करते है गुरु॥
विचारों की आधारभूमि है गुरु।
योजनाओं को क्रियान्वित करते है गुरु॥
सतत विकास और प्रगतिशीलता देते है गुरु।
पुनीत परम्पराओं के संवाहक है गुरु॥
उत्तरदायित्व निर्वहन का आह्वान है गुरु।
डॉ. रीना कहती, उत्तम नींव के जनक है गुरु॥
डॉ. रीना रवि मालपानी (कवयित्री एवं लेखिका)


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