झज्जर/शिव कुमार यादव/- गुभाना गाँव के लोकहित पुस्तकालय में महान स्वतंत्रता सेनानी 1857 की वीरांगना महारानी लक्ष्मी बाई को समिति सदस्यों और ग्रामीणों ने उनकी पुण्यतिथि पर नमन किया। लोकहित समिति के अध्यक्ष नरेश कौशिक ने रानी लक्ष्मी बाई के जीवन पर प्रकाश डाला।
उन्होने कहा कि महारानी लक्ष्मी बाई का नाम वीरांगना के तौर पर भारत के इतिहास में हमेशा दर्ज रहेगा। अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई में उनके बहादुरी के किस्से कविताओं और लोकगीतों में पाए जाते हैं। बच्चों की जुबान पर उनके साहस और वीरता के किस्से मशहूर हैं। अपनी मातृभूमि के लिए उन्होंने अपना बलिदान देने में भी गुरेज़ नहीं किया। मात्र 14 साल की आयु में शादी होने के बाद बड़ी जिम्मेदारी निभाने पर मजबूर होना पड़ा। स्वतंत्रता संग्राम में लक्ष्मी बाई ने स्वयं को साबित किया कि किसी भी सूरत में महिलाएं पुरूषों से पीछे नहीं है।
इस अवसर पर समिति के सदस्यों ने रानी लक्ष्मीबाई को नमन किया और उनके आर्दशो पर चलने का संकल्प लिया। इस अवसर पर सूबेदार मेजर सुरेश कुमार, जय भगवान प्रधान, पहलवान रामकुमार, सुदेश कौशिक, सतबीर, विशाल और समिति अध्यक्ष नरेश कौशिक ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित किये।


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