खीर सेरेमनी के साथ दिल्ली बजट सत्र की शुरुआत 

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October 18, 2026

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-विपक्ष का बहिष्कार बना चर्चा का विषय

नई दिल्ली/उमा सक्सेना/-  राजधानी दिल्ली में विधानसभा का बजट सत्र आज औपचारिक रूप से शुरू हो गया, जिसकी शुरुआत पारंपरिक ‘खीर सेरेमनी’ के साथ की गई। इस मौके पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंत्रियों के साथ स्कूली छात्राओं को खीर परोसकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। हालांकि सत्र के पहले ही दिन आम आदमी पार्टी के विधायकों ने सदन का बहिष्कार कर राजनीतिक माहौल को गरमा दिया।

विपक्ष के बहिष्कार से गरमाया राजनीतिक माहौल
सत्र के पहले दिन आम आदमी पार्टी के सभी विधायक सदन में अनुपस्थित रहे। पार्टी ने अपने चार विधायकों के निलंबन को जारी रखने के फैसले के विरोध में यह कदम उठाया। निलंबित विधायकों में संजीव झा, कुलदीप कुमार, सोमदत्त और जरनैल सिंह शामिल हैं, जिन्हें पिछले शीतकालीन सत्र के दौरान हंगामे के आरोप में बाहर किया गया था। विपक्ष का आरोप है कि सरकार लोकतांत्रिक प्रक्रिया में उनकी आवाज दबा रही है।

सरकार का दावा: विकास को मिलेगी नई गति
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यह उनकी सरकार का दूसरा बजट है, जो दिल्ली के समग्र विकास को नई रफ्तार देगा। उन्होंने दावा किया कि इस बजट के जरिए आम लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने और बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

प्रधानमंत्री के रिकॉर्ड पर सदन में अभिनंदन प्रस्ताव
विधानसभा में नरेंद्र मोदी के सबसे लंबे समय तक सरकार चलाने के रिकॉर्ड पर भी चर्चा हुई। इस अवसर पर उनके सम्मान में अभिनंदन प्रस्ताव पारित किया गया। सदन में मौजूद सदस्यों ने ध्वनिमत से प्रस्ताव का समर्थन करते हुए प्रधानमंत्री के नेतृत्व की सराहना की।

विपक्ष ने लगाए गंभीर आरोप
विधानसभा के बाहर प्रदर्शन कर रही आम आदमी पार्टी की नेता आतिशी ने सरकार पर विपक्ष की आवाज दबाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष की भूमिका बेहद अहम होती है, लेकिन सरकार उन्हें बोलने का अवसर नहीं दे रही है, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।

बजट से पहले सरकार की प्राथमिकताएं स्पष्ट
आगामी बजट को लेकर सरकार ने अपनी प्राथमिकताओं के संकेत दे दिए हैं। इस बार महिलाओं के स्वास्थ्य, प्रदूषण नियंत्रण और आधुनिक परिवहन व्यवस्था पर विशेष फोकस रहने की संभावना है। सूत्रों के अनुसार, स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने और महिलाओं से जुड़ी योजनाओं के लिए बजट में बड़ा प्रावधान किया जा सकता है।

पिछले साल से बड़ा हो सकता है बजट
पिछले वित्त वर्ष में सरकार ने एक लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया था, जो उससे पहले के मुकाबले काफी अधिक था। इस बार उम्मीद जताई जा रही है कि बजट का आकार और बड़ा हो सकता है, जिससे विकास योजनाओं को और गति मिलेगी।

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