आरजेएस पीबीएच का बड़ा संदेश: युवाओं से राष्ट्र निर्माण का आह्वान

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

June 2026
M T W T F S S
1234567
891011121314
15161718192021
22232425262728
2930  
June 5, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

-शहीद दिवस, बिहार दिवस और विश्व जल दिवस

नई दिल्ली/उमा सक्सेना/-  देश की क्रांतिकारी विरासत को वर्तमान सामाजिक और पर्यावरणीय चुनौतियों से जोड़ने के उद्देश्य से राम जानकी संस्थान पॉजिटिव ब्रॉडकास्टिंग हाउस (आरजेएस पीबीएच) द्वारा एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर शहीद दिवस, बिहार दिवस और विश्व जल दिवस को एक साथ मनाते हुए युवाओं को राष्ट्र प्रथम की भावना के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने देश के इतिहास, सामाजिक मूल्यों और पर्यावरण संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से विचार साझा किए।

क्रांतिकारी विचारों से युवाओं को प्रेरित करने की पहल
कार्यक्रम के दौरान आयोजकों ने कहा कि शहीदों का बलिदान केवल इतिहास का हिस्सा नहीं, बल्कि आज के युवाओं के लिए मार्गदर्शन है। वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि देश के युवाओं को शहीदों के आदर्शों को अपनाकर समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में कार्य करना चाहिए। कार्यक्रम में यह संदेश भी दिया गया कि राष्ट्र निर्माण के लिए जिम्मेदारी और जागरूकता दोनों जरूरी हैं।

जल संरक्षण पर विशेषज्ञों ने रखे अहम विचार
विश्व जल दिवस के अवसर पर पर्यावरण और जल संरक्षण को लेकर गंभीर चर्चा की गई। विशेषज्ञों ने बताया कि तेजी से बढ़ते शहरीकरण के बीच जल संसाधनों का संरक्षण बेहद जरूरी हो गया है। उन्होंने वर्षा जल संचयन (रेनवाटर हार्वेस्टिंग) जैसे उपायों को अपनाने पर जोर देते हुए कहा कि आने वाले समय में यह हर शहर और गांव के लिए अनिवार्य कदम होगा।

शहीदों के विचारों का किया गया गहन विश्लेषण
कार्यक्रम में शहीदों के जीवन और उनके विचारों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। वक्ताओं ने बताया कि स्वतंत्रता सेनानियों को केवल संघर्ष का प्रतीक मानना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनके विचार, तर्क और सामाजिक दृष्टिकोण को समझना भी जरूरी है। उन्होंने यह भी बताया कि शहीदों के विचार आज भी समाज में समानता, न्याय और जागरूकता का संदेश देते हैं।

बिहार की ऐतिहासिक विरासत पर भी रहा फोकस
बिहार दिवस के अवसर पर राज्य की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को रेखांकित किया गया। वक्ताओं ने कहा कि बिहार की धरती ने देश को कई महान व्यक्तित्व दिए हैं, जिनके योगदान ने भारत के इतिहास को नई दिशा दी है। इस अवसर पर युवाओं को अपनी जड़ों से जुड़ने और देश के विकास में योगदान देने का संदेश दिया गया।

आगामी कार्यक्रमों की भी की गई घोषणा
कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने आने वाले दिनों में होने वाले विभिन्न आयोजनों की जानकारी दी। 26, 27, 29 और 31 मार्च को रामनवमी, अशोक जयंती, विश्व रंगमंच दिवस, सकारात्मक संवाद और महावीर जयंती जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन आयोजनों का उद्देश्य समाज में जागरूकता बढ़ाना और सकारात्मक सोच को बढ़ावा देना है।

सकारात्मक भारत के निर्माण का आह्वान
कार्यक्रम का मुख्य निष्कर्ष यह रहा कि देश में एक सकारात्मक बदलाव के लिए सोच में परिवर्तन जरूरी है। वक्ताओं ने कहा कि समाज को तर्क, समानता और संरक्षण के मूल्यों को अपनाते हुए आगे बढ़ना होगा। युवाओं से अपील की गई कि वे देश को बेहतर बनाने के लिए सक्रिय भूमिका निभाएं और एक मजबूत, जागरूक और विकसित भारत के निर्माण में योगदान दें।

About Post Author

Subscribe to get news in your inbox