क्यों विशेषज्ञों ने दी चेतावनी, कहा “मास्क पहनकर ही निकलें बाहर”    

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

May 2026
M T W T F S S
 123
45678910
11121314151617
18192021222324
25262728293031
May 9, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

क्यों विशेषज्ञों ने दी चेतावनी, कहा “मास्क पहनकर ही निकलें बाहर”    

-दिवाली की आतिशबाजी के बाद बढ़ा प्रदूषण स्तर

लखनऊ/उमा सक्सेना/-   रोशनी के त्योहार दिवाली की खुशियां मनाने के बाद राजधानी लखनऊ की हवा पर प्रदूषण का असर साफ दिखाई देने लगा है। सोमवार की रात हुई आतिशबाजी और पटाखों के धुएं ने शहर की वायु गुणवत्ता को बुरी तरह प्रभावित किया है। मंगलवार सुबह जारी आंकड़ों के अनुसार, लखनऊ का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 246 दर्ज किया गया, जो ‘ऑरेंज जोन’ यानी ‘खराब श्रेणी’ में आता है। इस स्तर की हवा को सांस लेने के लिए असुरक्षित माना जाता है, विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों के लिए।

स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव
पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि दिवाली के बाद वातावरण में धूल, धुएं और सूक्ष्म कण (PM 2.5 और PM 10) की मात्रा में भारी बढ़ोतरी हुई है। इस वजह से लोगों को सांस लेने में तकलीफ, आंखों में जलन, गले में खराश, सिरदर्द और हृदय रोगों के बढ़ते खतरे जैसी समस्याएं हो सकती हैं। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि जिन लोगों को अस्थमा, एलर्जी या फेफड़ों की समस्या है, वे बिना मास्क घर से बाहर न निकलें और जरूरत पड़ने पर ही बाहर जाएं।

शहर में छाई धुंध, दृश्यता में कमी
लखनऊ के कई इलाकों — हजरतगंज, अलीगंज, चारबाग और गोमतीनगर — में मंगलवार की सुबह घनी धुंध और धुएं का मिश्रण नजर आया। दृश्यता कम होने से सड़क यातायात पर भी असर पड़ा। हवा में मौजूद जहरीले तत्वों के कारण लोगों ने गले में जलन और आंखों में चुभन की शिकायत की।

विशेषज्ञों की अपील: सावधानी ही बचाव
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने नागरिकों से अपील की है कि वे इस मौसम में एन-95 या सर्जिकल मास्क का इस्तेमाल करें, घरों में एयर प्यूरीफायर का प्रयोग बढ़ाएं और सुबह की सैर या बाहर व्यायाम करने से बचें। साथ ही घरों में पौधे जैसे मनी प्लांट, एलोवेरा और स्नेक प्लांट लगाने की सलाह दी गई है, जो हवा की गुणवत्ता में सुधार करते हैं।

प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए प्रशासन की कोशिशें
प्रदूषण बढ़ने के बाद नगर निगम और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीमें सड़कों पर सक्रिय हो गई हैं। शहर में जल छिड़काव, मलबा हटाने और वाहन प्रदूषण की जांच जैसे उपाय शुरू किए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि मौसम में ठंड बढ़ने और हवा की गति धीमी होने से प्रदूषक तत्व वातावरण में अधिक समय तक बने रहते हैं, जिससे वायु गुणवत्ता और बिगड़ जाती है।

About Post Author

Subscribe to get news in your inbox