कोर्ट की अवमानना पर द्वारका कोर्ट ने लगाई सब रजिस्ट्रार को फटकार

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कोर्ट की अवमानना पर द्वारका कोर्ट ने लगाई सब रजिस्ट्रार को फटकार

-नोटिस देकर कोर्ट में स्वयं पेश होने का दिया निर्देश -कहा- क्यों न आपकों जेल भेज दिया जाए व ऑफिस के सामान की कुर्की कर दी जाए

द्वारका/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/- द्वारका कोर्ट ने कापसहेड़ा सब-रजिस्ट्रार को कोर्ट के आदेश की अवमानना को लेकर फटकार लगाई है। सिविल जज निशांत बांगड़ ने रजिस्ट्रार को नोटिस देकर स्वयं कोर्ट में पेश होने का निर्देश देते हुए कहा है कि क्यों न कोर्ट की अवमानना को लेकर आपको जेल भेज दिया जाए और आपके कार्यालय की कुर्की कर दी जाए। हालांकि इस आदेश के बाद से कापसहेड़ा रजिस्ट्रार कार्यालय में खामोशी छाई हुई है और कोई भी अधिकारी कुछ भी कहने को तैयार नही है।


द्वारका जिला कोर्ट के सिविल जज निशात बांगड़ ने सब रजिस्ट्रार कापसहेडा को कोर्ट का नोटिस भेज कर आदेश दिया है कि अगली तारीख 4 अप्रैल को कोर्ट में पेश हो कर बताएं कि कोर्ट का आदेश मानकर डॉक्यूमेंट का रजिस्ट्रेशन न करने पर क्यों न उसे जेल भेज दिया जाए व उस के ऑफिस के सामान की कुर्की कर निलामी कर दी जाये।
उल्लेखनीय है कि दीनपुर गाँव, दिल्ली की एक सम्पत्ति के मालिक एस पी स्वामी ने अपने दो बच्चों पुत्री विद्या लक्ष्मी व पुत्र प्रदीप नायर के नाम अपनी 100 गज की सम्पत्ति रजिस्टर्ड करवाने के लिए सब-रजिस्ट्रार-9 को एक रिलीज डीड पेश की थी। परन्तु सब रजिस्ट्र‌ार कापसहेड़ा ने उस रिलीज़ डीड को रजिस्टर्ड करने से इनकार कर दिया। तब संपत्ति मालिक विद्या लक्ष्मी पुत्री एस पी स्वामी ने अपने अधिवक्ता उमेश यादव के माध्यम से इसकी अपील द्वार‌का कोर्ट के सिविल जज के सामने की।
सिविल जज निशांत बागंड ने पूरे केस को समझकर, सुनकर आदेश दिया किं पेश रिलीज डीड द्वारा कोई नया व्यक्ति मालिक नहीं बन रहा है अपितु केवल पहले से मालिकों के अधिकारों में बढ़ोतरी हो रही है। सब रजिस्ट्रार को बिना किसी एतराज के दस्तावेज को रजिस्टर्ड करना चाहिये, उसे एतराज करने का कोई हक नहीं है। सिविल जज ने सब रजिस्ट्रार को इस दस्तावेज को तुरन्त रजिस्टर करने का आदेश दिया।


परन्तु जब दो महीने तक सब रजिस्ट्रार ने डॉक्यूमेंट का रजिस्ट्रेशन नहीं किया तब सम्पत्ति मालिक ने पुनः सिविल जज के समक्ष अपने अधिवक्ता उमेश यादव के माध्यम से एप्लीकेशन लगा कर सब रजिस्ट्रार द्वारा कोर्ट आदेश का पालन न करने पर सब रजिस्ट्रार के आफिस के सामान की कुर्की व उसे जेल भेजने की मांग की।
इस ऐप्लीकेशन पर सुनवाई करते हुए सिविल जज ने सब रजिस्ट्रार कापसहेड़ा को कोर्ट नोटिस जारी कर आदेश दिया कि आगामी तारीख 4 अप्रैल 2025 को स्वयं कोर्ट में हाजिर हो कर बताए कि कोर्ट आदेश का पालन न करने पर क्यों न उसे जेल भेज दिया जाए व उस के कार्यालय के सामान की कुर्की कर दी जाए।

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