कैलाश मानसरोवर यात्रा की तैयारियां तेज, पांच साल बाद फिर शुरू हो रही पवित्र यात्रा

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October 25, 2026

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कैलाश मानसरोवर यात्रा की तैयारियां तेज, पांच साल बाद फिर शुरू हो रही पवित्र यात्रा

-नाथुला दर्रा रूट पर हो रहा खास इंतजाम, शिव भक्तों के लिए बड़ी खुशखबरी

नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/- सरकार जल्द ही शिव भक्तों के लिए बड़ी खुशखबरी देने जा रही है। दरअसल कैलाश मानसरोवर की पवित्र यात्रा पांच साल बाद इस जून से फिर से शुरू होने जा रही है। सरकार ने कैलाश मानसरोवर की यात्रा को लेकर तैयारियां तेज कर दी है।  यात्रा के लिए बुनियादी ढांचे के विकास में सिक्किम सरकार ने नाथू ला के माध्यम से प्रयास तेज कर दिए हैं।

बता दें कि साल 2017 में डोकलाम विवाद और कोविड-19 महामारी के कारण कैलाश मानसरोवर यात्रा पांच साल से स्थगित थी। वहीं, सिक्किम में भारत-चीन सीमा पर स्थित इस रास्ते पर अब अंतिम तैयारी चल रही है। यहां बुनियादी ढांचे का विकास लगभग पूरा हो गया है। इस साल लोग सिक्किम के नाथुला दर्रा से कैलाश मानसरोवर की यात्रा कर सकेंगे।

विकास कार्य जारी
गौरतलब है कि सिक्किम राज्य के चीन के तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र से जुड़ा हुआ है। पांच वर्ष के अंतराल के बाद फिर से शुरू होने जा रही कैलाश पर्वत और मानसरोवर झील की तीर्थयात्रा हिंदुओं के साथ-साथ जैन और बौद्धों के लिए भी धार्मिक महत्व रखती है। विधायक थिनले शेरिंग भूटिया ने कहा कि राज्य की राजधानी गंगटोक और नाथू ला के बीच दो केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं और तीर्थयात्रियों के लिए शौचालय व यात्रा से संबंधित अन्य बुनियादी ढांचे का भी विकास किया जा रहा है।

5 साल बाद यात्रा
वन, पर्यटन एवं ग्रामीण विकास विभागों के अधिकारियों की मौजूदगी में भूटिया ने कहा, “सिक्किम एक शांतिपूर्ण राज्य है और नाथू ला सीमा के माध्यम से यात्रा करने की यही मुख्य खासियत है।” उन्होंने बताया कि अच्छी सड़कों की उपलब्धता के साथ नाथू ला मार्ग तीर्थयात्रियों को फिर से सुरक्षित और बेहतर यात्रा का अनुभव प्रदान करेगा। कोविड-19 वैश्विक महामारी और उसके बाद पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर दोनों पक्षों के बीच सैन्य गतिरोध के कारण 2020 में यात्रा को स्थगित कर दिया गया था।

हो रहा खास इंतजाम
विधायक थिनले शेरिंग भूटिया ने कहा कि रास्ते में दो आराम करने के केंद्र बनाए जा रहे हैं। पहला केंद्र 16जी डपसम (10,000 फीट) पर है और दूसरा केंद्र कुपूप रोड पर हांगू झील के पास (14,000 फीट) पर है। प्रत्येक केंद्र में दो पांच-बेड वाले और दो दो-बेड वाले भवन होंगे। इसके साथ ही एक मेडिकल सेंटर, ऑफिस, किचन और यात्रियों के लिए अन्य जरूरी सुविधाएं भी होंगी।

यात्रियों में खुशी
2016 की यात्रा में भाग लेने वाले स्थानीय निवासी आई.के. रसाईली ने यात्रा के फिर से शुरू होने का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि इससे स्थानीय लोगों की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। उन्होंने कहा कि पर्यटन फिर से शुरू होगा और स्थानीय लोगों की आजीविका में सुधार होगा। सिक्किम मार्ग सबसे सुरक्षित और सुलभ है क्योंकि यहां सड़क संपर्क अच्छा है।

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