केंद्रीय कर्मचारियों को बड़ी राहत: अब माता-पिता की देखभाल सहित कई कारणों पर मिलेंगी अतिरिक्त छुट्टियाँ

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केंद्रीय कर्मचारियों को बड़ी राहत: अब माता-पिता की देखभाल सहित कई कारणों पर मिलेंगी अतिरिक्त छुट्टियाँ

नई दिल्ली/अनीशा चौहान/-  केंद्र सरकार ने अपने कर्मचारियों को बड़ी राहत देते हुए अवकाश संबंधी नियमों में महत्वपूर्ण सुविधा दी है। अब केंद्रीय कर्मचारी अपने माता-पिता की देखभाल सहित किसी भी व्यक्तिगत कारण का हवाला देकर हर वर्ष 30 दिन की छुट्टी ले सकेंगे। यह छुट्टी अन्य पात्र अवकाशों से अलग होगी और इसके लिए विशेष अनुमोदन की आवश्यकता होगी।

छुट्टियों का विस्तृत प्रावधान
सरकार की ओर से संसद में यह जानकारी दी गई कि केंद्रीय सिविल सेवा नियम 1972 के तहत कर्मचारियों को प्रति वर्ष 30 दिन की अर्जित छुट्टी मिलती है। इसके अतिरिक्त, कर्मचारी 20 दिन का आधे वेतन के साथ अवकाश, 8 दिन की आकस्मिक छुट्टी (कैजुअल लीव) और 2 दिन की प्रतिबंधित छुट्टी (रिस्ट्रिक्टेड लीव) भी ले सकते हैं।

संसद में सरकार का जवाब
राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेन्द्र सिंह ने बताया कि कर्मचारियों को यह छुट्टियाँ माता-पिता की देखभाल सहित किसी भी व्यक्तिगत कारणों से लेने की छूट है। यह नियम कर्मचारियों को मानसिक और पारिवारिक संतुलन बनाए रखने में सहायता करेगा।

ऑर्गन डोनेशन करने वालों के लिए विशेष अवकाश
डॉ. जितेन्द्र सिंह ने लोकसभा में यह भी बताया कि अंगदान (ऑर्गन डोनेशन) करने वाले केंद्रीय कर्मचारियों को 42 दिन की विशेष कैजुअल छुट्टी दी जाएगी। यह छुट्टी अंगदान की प्रकृति और सरकारी डॉक्टर की सिफारिश पर निर्भर होगी। यह अवकाश सामान्यतः अस्पताल में भर्ती होने की तिथि से शुरू होगा, परंतु आवश्यकता होने पर सर्जरी से एक सप्ताह पूर्व भी लिया जा सकता है। यह नियम वर्ष 2023 से प्रभावी है और इसका उद्देश्य अंगदान को प्रोत्साहित करना है।

कर्मचारियों को पहले से मिल रही छुट्टियाँ भी रहेगी लागू
केंद्र सरकार के इस फैसले से यह भी स्पष्ट किया गया कि कर्मचारियों को पहले से मिल रही सभी प्रकार की छुट्टियाँ यथावत जारी रहेंगी। इसमें मातृत्व अवकाश, पितृत्व अवकाश, चिकित्सा अवकाश, स्टडी लीव जैसी छुट्टियाँ शामिल हैं।

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