कृषि विज्ञान केंद्र, उजवा की 25वीं वैज्ञानिक सलाहकार समिति की बैठक सम्पन्न

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

August 2026
M T W T F S S
 12
3456789
10111213141516
17181920212223
24252627282930
31  
August 24, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

कृषि विज्ञान केंद्र, उजवा की 25वीं वैज्ञानिक सलाहकार समिति की बैठक सम्पन्न

-नवाचार, तकनीकी विस्तार और किसानों की आय वृद्धि को लेकर विशेषज्ञों ने दिए महत्वपूर्ण सुझाव

कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके), उजवा, दिल्ली की 25वीं वैज्ञानिक सलाहकार समिति (एसएसी) की बैठक भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (भा.कृ.अनु.प.) के दिशा-निर्देशों के अनुसार, दिनांक 11 जुलाई 2025 को बागवानी भवन, जनकपुरी, दिल्ली में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता डॉ. बिजेंद्र सिंह, अध्यक्ष, राष्ट्रीय बागवानी अनुसंधान एवं विकास प्रतिष्ठान, जनकपुरी ने की।

इस बैठक का उद्देश्य केंद्र की वार्षिक गतिविधियों की समीक्षा और आगामी योजनाओं की रूपरेखा तय करना था। बैठक में विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों, वैज्ञानिकों, संस्थानों और प्रगतिशील किसानों ने भाग लिया।

विशिष्ट अतिथियों ने दिए अहम सुझाव
इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में श्री राजबीर सिंह, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, राष्ट्रीय बागवानी अनुसंधान एवं विकास प्रतिष्ठान; डॉ. रवीन्द्र नाथ पडारिया, संयुक्त निदेशक, भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, पूसा; डॉ. बी.एस. तोमर, अध्यक्ष, सब्जी विभाग, आईएआरआई पूसा; और वर्चुअल रूप से डॉ. बी.एल. जांगिड, प्रधान वैज्ञानिक, कृषि तकनीकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान, जोधपुर सहित कई अन्य प्रमुख अधिकारी उपस्थित थे।

डॉ. बिजेंद्र सिंह ने केवीके उजवा द्वारा किसानों के लिए किए गए कार्यों की सराहना की और तकनीकी नवाचारों को दिल्ली के ग्रामीण किसानों तक पहुंचाने पर बल दिया।

श्री राजबीर सिंह ने केंद्र की गतिविधियों को अधिक प्रभावशाली बनाने के लिए सामाजिक व आर्थिक प्रभावों का विश्लेषण करने की बात कही। उन्होंने किसानों की सफलता की कहानियों को सोशल मीडिया के माध्यम से साझा करने की सलाह दी ताकि ये अन्य किसानों के लिए प्रेरणा बन सकें।

डॉ. बी.एस. तोमर ने दिल्ली जैसे परिनगरीय क्षेत्र में किसानों की आय वृद्धि के लिए गुणवत्ता युक्त फल एवं सब्जियों के पौधे व बीज वितरण, प्रशिक्षण और जागरूकता कार्यक्रमों के आयोजन का सुझाव दिया।

डॉ. रवीन्द्र नाथ पडारिया ने कार्यों की प्रस्तुति को परिणाम के रूप में रखने और सोशल मीडिया से युवा किसानों को जोड़ने पर ज़ोर दिया, जिससे कृषि को एक आकर्षक व्यवसाय के रूप में प्रस्तुत किया जा सके।

डॉ. बी.एल. जांगिड ने ड्रोन तकनीक, पोषण वाटिका, और ‘किसान सारथी’ डिजिटल प्लेटफार्म के प्रभावी उपयोग की बात कही।

पशुपालन विभाग की पहल
दिल्ली सरकार के पशुपालन विभाग ने ऑक्सीटोसिन व अत्यधिक एंटीबायोटिक के उपयोग के प्रति जागरूकता फैलाने और बचे हुए खाने को पशुओं को न देने के लिए विशेष अभियान चलाने का सुझाव दिया।

केंद्र की प्रगति रिपोर्ट और भविष्य की योजनाएं प्रस्तुत
कार्यक्रम की शुरुआत में केवीके, उजवा के वरिष्ठ वैज्ञानिक और अध्यक्ष डॉ. डी. के. राणा ने सभी उपस्थित गणमान्य सदस्यों का स्वागत किया और केंद्र की वार्षिक गतिविधियों व आगामी योजनाओं की प्रस्तुति दी। उन्होंने बताया कि कृषि, पशुपालन, बागवानी और मृदा विज्ञान से संबंधित गतिविधियाँ प्रभावी रूप से चलाई जा रही हैं।

इस बैठक में समिति सदस्यों के रूप में नाबार्ड, दिल्ली; कृषि एवं बागवानी इकाई, दिल्ली सरकार; आकाशवाणी; प्रगतिशील किसान एवं महिला किसान उपस्थित रहे और अमूल्य सुझाव दिए।

केवीके के विशेषज्ञों – डॉ. राकेश कुमार (बागवानी), डॉ. रितु सिंह (गृह विज्ञान), डॉ. समर पाल सिंह (सस्य विज्ञान), श्री कैलाश (कृषि प्रसार), डॉ. जय प्रकाश (पशुपालन), और श्री बृजेश कुमार (मृदा विज्ञान) – ने विषयवार प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की।

कार्यक्रम का समापन
बैठक के अंत में डॉ. राणा ने सभी उपस्थित गणमान्य सदस्यों का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए आशा व्यक्त की कि उनके सुझावों से आगामी वर्ष की योजना और भी प्रभावशाली बनेगी।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox