नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/नजफगढ़/शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/- द्वारका जिला में छोटे-मोटे अपराधों में लिप्त किशोर अपराधियों को जुर्म की दुनिया से बचाने व उनका भविष्य संवारने के लिए डीसीपी द्वारका शंकर चौधरी के नेतृत्व में एक सकारात्मक पहल के तहत पारस योजना की शुरूआत की गई। इस अवसर पर ऐसे किशोर अपराधियों को जिला मुख्यालय के सभागार में बुलाया गया और सेवा भारती दिल्ली व ब्रह्मकुमारी संस्था द्वारा उनकी काउंसलिंग कराई गई। नाबालिगों को लेकर हमेशा सरकार व पुलिस का सकारात्मक रूख रहा है। वहीं न्यायालयों में भी नाबालिगों को जुर्म की दुनिया से बचाने के लिए उनके लिए अनेकों योजनाऐं चलाई जाती है। कानून के अन्तर्गत ऐसे प्रावधान किये गये है कि किशोर अपराधियों को फिर से मुख्यधारा में जोड़ने के लिए हर तरह का प्रयास किया जाये। इसी तरह के एक प्रयास में द्वारका जिला पुलिस ने शनिवार को द्वारका पुलिस मुख्यालय के सभागार में डीसीपी शंकर चौधरी के नेतृत्व में एक सकारात्मक पहल के तहत पारस योजना का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर डीसीपी शंकर चौधरी ने किशोरों को संबोधित करते हुए कहा कि कानून का मतलब सिर्फ गलतियों की सजा देना ही नही है बल्कि यह तय करना भी है कि एक बच्चे ने गलती क्यों की। कानून में सजा इसलिए दी जाती है ताकि हम अपराधों को रोक सके। लेकिन इसका ये मतलब नही है कि एक अपराधी कभी सुधर ही नही सकता। पुलिस की व सरकार की हमेशा यही कोशिश होती है कि एक अपराधी को अपराध से दूर किया जाये और वह भी अपना नये सिरे से जीवन व्यतीत कर सके। हम अपने बच्चों को अपराधी नही बल्कि उनके जीवन को सुधारने की हर संभव कोशिश करते है ताकि वह भी और बच्चों की तरह अपने परिवार के साथ इज्जत की जिंदगी जी सके। उन्होने बताया कि छोटे-मोटे अपराधों में शामिल किशोर अपराधियों को बालिग होने पर जुर्म की दुनिया में जाने से रोकने के लिए पारस योजना चलाई जा रही है ताकि उनके भविष्य को संवारा जा सके और उन्हे मुख्यधारा में जोड़ने के नये अवसर प्रदान किये जाये।

इस योजना में विगत 3 वर्षों से छोटे-मोटे अपराधों में लिप्त किशोर अपराधियों जोड़ा गया और ब्रह्मकुमारी संस्था के बी के गौरव ने इन किशोरों को सकारात्मक दिशा दिखाई। इसके साथ ही सेवा भारती दिल्ली के प्रचार प्रमुख भूपेन्द्र सिंह व उनकी टीम ने सभी किशोंरों का डिटेल्स से 50 प्वाइंट चेक लिस्ट तैयार कर काउंसलिंग सत्र का आयोजन किया। इन किशोरों कों किस क्षेत्र में भेजा जाना है और उनके लिए किस तरह के काम करने है कि रूपरेखा तैयार की गई जिसमें डीएडिक्शन, एज्यूकेश्न और प्लेसमेंट करना आदि हैं। द्वारका जिला पुलिस ने प्राइमरों स्किल प्राइवेट लिमिटेड से अनुबंध किया ताकि चयनित किशोरों को ऑटो रिपेयरिंग का कोर्स कराकर उनकी प्लेसमेंट सुनिश्चित की जा सके। द्वारका जिला में मेडिकोम यूनिट के इंचार्ज एवं जिला की स्पेशल ज्यूवेनाइल पुलिस यूनिट द्वारा इस कार्यक्रम का सफल आयोजन करने पर डीसीपी शंकर चौधरी ने सभी का आभार प्रकट किया और साथ ही किशोंरो को मन लगाकर काम करने की सलाह भी दी।


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