कर्नाटक में तंबाकू पर सख्ती: 21 वर्ष से कम उम्र वालों को बिक्री पर रोक, हुक्का बार भी बंद

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

August 2026
M T W T F S S
 12
3456789
10111213141516
17181920212223
24252627282930
31  
August 24, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

कर्नाटक में तंबाकू पर सख्ती: 21 वर्ष से कम उम्र वालों को बिक्री पर रोक, हुक्का बार भी बंद

अनीशा चौहान/-   कर्नाटक सरकार ने तंबाकू के बढ़ते उपयोग पर नियंत्रण के लिए बड़ा कदम उठाया है। अब राज्य में 21 वर्ष से कम आयु के किसी भी व्यक्ति को सिगरेट या अन्य तंबाकू उत्पाद बेचना पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया गया है। पहले यह आयु सीमा 18 वर्ष थी, जिसे अब बढ़ाकर 21 किया गया है। यह फैसला हाल ही में राष्ट्रपति द्वारा पारित COTP अधिनियम 2024 के तहत लिया गया है, जो राज्य में लागू हो चुका है।

शैक्षणिक संस्थानों के पास तंबाकू बिक्री पर रोक
नए नियमों के अनुसार, किसी भी विद्यालय, कॉलेज या अन्य शैक्षणिक संस्थान के 100 मीटर के दायरे में तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। यह प्रावधान छात्रों और युवाओं को तंबाकू की लत से दूर रखने के उद्देश्य से किया गया है।

सार्वजनिक स्थानों पर सिगरेट और गुटखा पर सख्ती
अब सार्वजनिक स्थलों पर धूम्रपान करना या गुटखा थूकना महँगा पड़ सकता है। पहले जहाँ ऐसे मामलों में 200 रुपये का जुर्माना था, अब यह बढ़ाकर 1,000 रुपये कर दिया गया है। यह प्रावधान सार्वजनिक स्वच्छता और स्वास्थ्य की दृष्टि से अहम माना जा रहा है।

हुक्का बार पर पूरी तरह से प्रतिबंध
कर्नाटक में अब हुक्का बार चलाना पूरी तरह से गैरकानूनी घोषित कर दिया गया है। कोई भी रेस्तरां, पब, बार या भोजनालय अगर हुक्का सेवा देगा तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस कानून का उल्लंघन करने पर 1 से 3 साल तक की जेल और 50,000 से 1 लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। यह निर्णय विशेष रूप से युवाओं को तंबाकू के खतरनाक प्रभावों से बचाने के लिए लिया गया है।

सार्वजनिक स्थानों पर तंबाकू उपयोग पर पूरी रोक
नए कानून के तहत अब किसी भी सार्वजनिक स्थान पर तंबाकू उत्पादों का उपयोग प्रतिबंधित है। सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि यह कदम जनस्वास्थ्य की रक्षा के लिए जरूरी है और इसका उद्देश्य समाज को तंबाकूजनित बीमारियों से बचाना है।

सरकार की जनता से अपील
कर्नाटक सरकार ने राज्य की जनता से अपील की है कि वे इन नए नियमों का पालन करें और तंबाकू जैसे हानिकारक पदार्थों से दूर रहें। यह कानून न केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में सहायक होगा, बल्कि समाज को भी एक स्वस्थ दिशा में ले जाएगा।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox