ऑपरेशन सिंदूर के शूरवीरों के नाम होगा 93वां वायुसेना दिवस

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

September 2026
M T W T F S S
 123456
78910111213
14151617181920
21222324252627
282930  
September 9, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

ऑपरेशन सिंदूर के शूरवीरों के नाम होगा 93वां वायुसेना दिवस

मानसी शर्मा/-  भारतीय वायुसेना (IAF) अपने 93वें स्थापना दिवस पर यानी वायुसेना दिवस के खास अवसर पर मई 2025 में सफलतापूर्वक संपन्न हुए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के वीर योद्धाओं को समर्पित होगा। 8 अक्टूबर को हिंदोन एयर फोर्स स्टेशन पर आयोजित मुख्य समारोह में इन बहादुर जवानों को वीरता पुरस्कार दिए जाएंगे। वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह ने इसे ‘त्वरित, सटीक और निर्णायक’ अभियान का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि यह ऑपरेशन न केवल पाकिस्तान को ‘घुटनों पर’ लाने में सफल रहा, बल्कि भारतीय वायुसेना की क्षमताओं का वैश्विक प्रमाण भी है।
93वां वायुसेना दिवस होगा खास

बता दें, वायुसेना दिवस हर साल 08 अक्टूबर को मनाया जाता है। इसी दिन साल 1932 में रॉयल इंडियन एयर फोर्स का गठन हुआ था। इस बार यह समारोह हिंदोन एयर बेस पर होगा, जहां एयर चीफ मार्शल एपी सिंह परेड की समीक्षा करेंगे। कार्यक्रम में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान और नेवी चीफ एडमिरल दिनेश त्रिपाठी भी शिरकत करेंगे।

इसके अलावा इस समारोह का मुख्य आकर्षण होगा ‘ध्वज फ्लाइपास्ट’, जिसमें एमआई-17 हेलीकॉप्टर ऑपरेशन सिंदूर का ध्वज लहराते हुए उड़ेगा। समारोह में एयरोबेटिक्स शो, विमान प्रदर्शन और सांस्कृतिक कार्यक्रम शामिल होंगे। लेकिन सबसे महत्वपूर्ण होगा वीरता पुरस्कारों का वितरण। ऑपरेशन सिंदूर में भाग लेने वाले पायलटों और ग्राउंड क्रू को वीर चक्र, अशोक चक्र जैसे सम्मानों से नवाजा जाएगा, जो उनके अदम्य साहस को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता देगा।  

पाकिस्तानी वायुसेना को भारी नुकसान

मालूम हो कि 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 मासूम लोगों की जान गई थी। जिसके तहत ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरु किया। यह ऑपरेशन चार दिनों तक चला, जिसमें भारतीय सशस्त्र बलों ने संयुक्त रूप से पाकिस्तान तथा पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (Pok) में स्थित नौ प्रमुख आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया। इनमें जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा और हिजबुल मुजाहिदीन जैसे संगठनों के कैंप शामिल थे। सटीक हवाई हमलों में ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलों और लंबी दूरी की सतह-से-हवा मिसाइलों (एसएएम) का उपयोग किया गया, जिन्होंने 300 किलोमीटर अंदर तक ‘लॉन्गेस्ट किल’ हासिल किया।

एयर चीफ ने स्पष्ट किया कि भारत ने 4-5 एफ-16 और जेएफ-17 लड़ाकू विमान, एक सी-130 परिवहन विमान, एक एयरबोर्न अर्ली वॉर्निंग एंड कंट्रोल (एडब्ल्यूएसी) विमान सहित 8-10 उच्च-तकनीकी विमानों को नष्ट कर दिया। इसके अलावा, चार रडार स्टेशन, दो कमांड सेंटर, दो रनवे और तीन हैंगर को क्षति पहुंचाई गई। पाकिस्तान के नूर खान एयरबेस जैसे महत्वपूर्ण ठिकाने तबाह हो गए। सिंह ने पाकिस्तानी दावों को ‘मनोहर कहानियां’ बताते हुए कहा कि भारत ने न्यूनतम नुकसान के साथ लक्ष्य हासिल कर अभियान समाप्त किया, जिससे पाकिस्तान को युद्ध विराम की गुहार लगानी पड़ी।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox