ऑपरेशन सिंदूर पर गर्जे रक्षा मंत्री: “सटीक हमला, शून्य नुकसान, सेना को सलाम”

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August 24, 2026

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ऑपरेशन सिंदूर पर गर्जे रक्षा मंत्री: “सटीक हमला, शून्य नुकसान, सेना को सलाम”

-राजनाथ सिंह बोले – "अब तो तालियां बजाइए, सेना ने इतिहास रच दिया"

नई दिल्ली/अनीशा चौहान/- लोकसभा के मानसून सत्र के दौरान आज देश की सुरक्षा नीति और सैन्य कार्रवाई को लेकर बड़ा बयान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दिया। उन्होंने 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर की सफलता का दमदार अंदाज़ में बचाव किया। यह वही हमला था, जिसमें 26 निर्दोष लोगों की जान गई थी और पूरे देश में रोष व्याप्त हो गया था।

रक्षा मंत्री ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर भारत की रणनीतिक परिपक्वता, सैन्य ताकत और आतंक के खिलाफ उसकी “ज़ीरो टॉलरेंस नीति” का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि इस ऑपरेशन के अंतर्गत पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में स्थित 9 प्रमुख आतंकी ठिकानों को पूरी तरह नष्ट किया गया, और 100 से अधिक आतंकियों को मार गिराया गया।

विपक्ष पर पलटवार
विपक्ष द्वारा भारतीय विमानों के नुकसान को लेकर पूछे गए सवालों पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए राजनाथ सिंह ने कहा “विपक्ष पूछ रहा है कि हमारे कितने विमान गिरे? असली सवाल तो यह होना चाहिए कि हमने दुश्मन के कितने ठिकाने और विमान तबाह किए। अब वक्त है सेना की पीठ थपथपाने का, न कि उनकी बहादुरी पर सवाल उठाने का।”

सटीक हमला, शून्य नुकसान
राजनाथ सिंह ने ऑपरेशन सिंदूर को “सटीकता और शून्य नुकसान” की मिसाल बताया। उन्होंने कहा कि भारतीय वायुसेना ने जिन ठिकानों को टारगेट किया, उनमें चकाला, सरगोधा, रफीकी, रहीम यार खान और जैकोबाबाद जैसे अहम आतंकी ठिकाने शामिल थे।

उन्होंने यह भी बताया कि भारत की सीमा पर मौजूद रक्षा प्रणाली, काउंटर ड्रोन सिस्टम और इलेक्ट्रॉनिक युद्धक उपकरणों ने पाकिस्तान की ओर से किए गए जवाबी हमलों को पूरी तरह विफल कर दिया। “न पाकिस्तान कोई लक्ष्य हासिल कर सका, न हमारी कोई महत्वपूर्ण संपत्ति क्षतिग्रस्त हुई,” रक्षा मंत्री ने संसद में गर्व से कहा।

युद्धविराम और भारत की कूटनीतिक जीत
ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान ने 7 मई को बातचीत की पेशकश की और 10 मई को दोनों देशों के बीच युद्धविराम समझौता हुआ। यह भारत की सैन्य और कूटनीतिक दोनों ही मोर्चों पर जीत मानी जा रही है।

राजनाथ सिंह ने कहा, “हमने आतंक के सरगनाओं को उनके ठिकानों पर जाकर खत्म किया, वो भी बिना किसी अपने की जान गंवाए। यह हमारी सेना की तैयारी, साहस और सरकार की इच्छाशक्ति का प्रमाण है।”

सेना का सम्मान करें
अपने भाषण के अंत में रक्षा मंत्री ने विपक्ष से अपील करते हुए कहा “सेना जब सीमा पर बहादुरी दिखाती है, तो उसे सैल्यूट किया जाना चाहिए, न कि शक की नज़रों से देखा जाए। अब तो तालियां बजाइए, क्योंकि हमारी सेना ने इतिहास रच दिया है।” ऑपरेशन सिंदूर न केवल एक सैन्य कार्रवाई था, बल्कि यह भारत के बदलते रणनीतिक दृष्टिकोण और आतंकवाद के प्रति उसकी निर्णायक नीति का स्पष्ट संकेत है। यह ऑपरेशन आने वाले वर्षों तक भारत की सुरक्षा नीति में मील का पत्थर बना रहेगा।

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