एनसीपी के दिलीप पाटिल होंगे महाराष्ट्र के नये गृृह मंत्री

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

May 2026
M T W T F S S
 123
45678910
11121314151617
18192021222324
25262728293031
May 19, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

एनसीपी के दिलीप पाटिल होंगे महाराष्ट्र के नये गृृह मंत्री

-वसूली के आरोपों में नपे अनिल देशमुख की लेंगे जगह

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/महाराष्ट्र/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/- 100 करोड़ रुपये की वसूली के आरोपों में घिरे अनिल देशमुख के इस्तीफे के बाद अब दिलीप वलसे पाटिल महाराष्ट्र के नए गृह मंत्री होंगे। दिलीप वलसे पाटिल पुणे ग्रामीण विधानसभा सीट से विधायक हैं। दिलीप वलसे पाटिल को एनसीपी के साफ छवि वाले नेताओं में से एक माना जाता है। वह कई बार महाराष्ट्र सरकार में मंत्री रह चुके हैं और विधानसभा का स्पीकर का पद भी संभाल चुके हैं। इसके अलावा शरद पवार के एनसीपी में सबसे करीबी नेताओं में से एक माने जाते हैं। हालांकि उन्हें गृहमंत्री बनाए जाने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। एनसीपी के सूत्रों का कहना है कि गठबंधन सरकार के गठन के दौरान भी पाटिल को गृह मंत्री बनने का ऑफर दिया गया था, लेकिन स्वास्थ्य कारणों से उन्होने इनकार कर दिया था।
                  दरअसल कारोबारी मुकेश अंबानी के घर के बाहर मिली संदिग्ध कार से विस्फोटक बरामद होने के मामले में मुंबई पुलिस के पूर्व कमिश्नर परमबीर सिंह का उद्धव ठाकरे सरकार ने ट्रांसफर कर दिया था। इसी केस में असिस्टेंट पुलिस इंस्पेक्टर सचिन वाझे को एनआईए ने गिरफ्तार किया है। परमबीर सिंह ने आरोप लगाया था कि सचिन वाझे को अनिल देशमुख ने मुंबई से हर महीने 100 करोड़ रुपये की वसूली का टारगेट दिया था। सीएम उद्धव ठाकरे को लिखे पत्र में परमबीर सिंह ने यह आरोप लगाया था। इस पत्र के बाद से ही अनिल देशमुख के इस्तीफे की मांग विपक्ष की ओर से की जा रही थी।
                  इसके अलावा परमबीर सिंह ने सुप्रीम कोर्ट और बॉम्बे हाई कोर्ट का रुख भी किया था। हालांकि उनकी अर्जी पर कोई आदेश जारी नहीं हुआ, लेकिन सोमवार को वकील जयश्री पाटिल की अर्जी पर कोर्ट ने सीबीआई को देशमुख के खिलाफ प्रारंभिक जांच करने का आदेश दिया है। अदालत का कहना है कि 15 दिनों में सीबीआई रिपोर्ट देगी और उसके आधार पर यह फैसला लिया जाएगा कि देशमुख के खिलाफ केस दर्ज किया जाए या फिर नहीं। हाई कोर्ट के इस आदेश के बाद से ही एक बार फिर से देशमुख के इस्तीफे की मांग तेज हो गई थी और अंत में शरद पवार से बातचीत के बाद अनिल देशमुख ने पद से इस्तीफा दे दिया।

About Post Author

Subscribe to get news in your inbox