ऋषिकेश योग महोत्सव का भव्य समापन 

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May 1, 2026

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-गांवों के समग्र विकास का लिया संकल्प

ऋषिकेश/उमा सक्सेना/-  ऋषिकेश में आयोजित तीन दिवसीय द्वितीय योग महोत्सव का समापन उत्साह और आध्यात्मिक ऊर्जा के साथ संपन्न हुआ। शीशम झाड़ी स्थित एक आश्रम में आयोजित इस कार्यक्रम में योग, आयुर्वेद और ग्रामीण विकास को जोड़ने की दिशा में कई महत्वपूर्ण संकल्प लिए गए। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में योग साधकों, संतों, छात्रों और स्थानीय नागरिकों ने भाग लिया।

योग के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव का संदेश
मुख्य अतिथि प्रेम चंद अग्रवाल ने अपने संबोधन में योग को जीवन में आशा और ऊर्जा का स्रोत बताया। उन्होंने कहा कि नियमित योगाभ्यास से न केवल शारीरिक बल्कि मानसिक संतुलन भी बेहतर होता है। साथ ही उन्होंने उत्तराखंड के गांवों को योग और आयुर्वेद आधारित मॉडल के रूप में विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया।

गांवों के विकास और पलायन रोकने पर जोर
विशिष्ट अतिथि ईश्वर दास महाराज ने ग्रामीण क्षेत्रों में गौ पालन को बढ़ावा देने और विशेष रूप से बद्री नस्ल की गायों के संरक्षण पर जोर दिया। वहीं स्वामी सुनील भगत ने उत्तराखंड को योगभूमि के रूप में स्थापित करने का आह्वान किया।

योग, आयुर्वेद और संस्कृति को जोड़ने की पहल
आयोजन से जुड़े डॉ. बिपिन जोशी ने बताया कि विभिन्न संस्थाएं मिलकर राज्य के गांवों को ‘दिव्य ग्राम’ के रूप में विकसित करने की दिशा में काम करेंगी। इस पहल के तहत योग ग्राम, आयुर्वेद ग्राम, संस्कृत ग्राम और गौ संरक्षण को एक मंच पर लाया जाएगा, जिससे उत्तराखंड को वेलनेस हब बनाया जा सके।

योग हेरिटेज वॉक और आकर्षक प्रस्तुतियां
महोत्सव के दौरान स्वामी नारायण आश्रम से 84 कुटिया तक योग हेरिटेज वॉक का आयोजन किया गया। इसमें साधकों ने ध्यान और योगाभ्यास कर आध्यात्मिक अनुभव प्राप्त किया। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी आयु वर्ग के लोगों ने कठिन योगासन प्रस्तुत कर सभी को प्रभावित किया।

प्रतिभागियों को किया गया सम्मानित
कार्यक्रम के अंत में योग प्रतियोगिता के विजेताओं को ट्रॉफी, मेडल और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। साथ ही लगभग 250 बच्चों को शैक्षणिक और खेल सामग्री वितरित की गई, जिससे शिक्षा और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़े।

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