उत्तराखंड ने नीति आयोग के समक्ष रखीं विशेष मांगें, विकास को गति देने के लिए केंद्र से मांगा सहयोग

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March 3, 2026

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उत्तराखंड ने नीति आयोग के समक्ष रखीं विशेष मांगें, विकास को गति देने के लिए केंद्र से मांगा सहयोग

देहरादून/अनीशा चौहान-    उत्तराखंड सरकार ने राज्य के समग्र विकास के लिए नीति आयोग के समक्ष कई महत्वपूर्ण सुझाव और मांगें रखीं। इन मांगों में ग्रीन बोनस, आपदा प्रबंधन, कृषि, उद्योग, शहरी विकास, शिक्षा, संचार और ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में विशेष सहयोग की अपेक्षा जताई गई। सरकार ने विशेष रूप से पर्यावरण संरक्षण में उत्तराखंड के योगदान को रेखांकित करते हुए केंद्र से कारगर आर्थिक सहायता की मांग की।

वनों के संरक्षण और युवाओं को रोजगार से जोड़ने का आग्रह
राज्य प्रतिनिधिमंडल ने बढ़ती वनाग्नियों और प्राकृतिक आपदाओं को ध्यान में रखते हुए स्थायी आपदा प्रबंधन तंत्र स्थापित करने पर बल दिया। इसके अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को फॉरेस्ट वारियर के रूप में नियुक्त करने का सुझाव भी दिया गया, जिससे वन संरक्षण के साथ-साथ स्थानीय युवाओं को रोजगार मिल सके।

हाइड्रो प्रोजेक्ट्स और शहरी आधारभूत ढांचे के लिए केंद्र से सहायता की मांग
बैठक में हाइड्रो प्रोजेक्ट्स, सॉलिड वेस्ट टू एनर्जी यूनिट्स और तीर्थाटन, पर्यटन व फिल्म निर्माण के बढ़ते अवसरों को देखते हुए विशेष शहरी अवस्थापना सहायता की मांग की गई। साथ ही राज्य में मेट्रो, रेलवे और हेली सेवा के विस्तार की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया।

सौर फेंसिंग और नदियों के पुनर्जीवन पर विशेष ध्यान
कृषि और बागवानी में वन्यजीवों से हो रहे नुकसान को रोकने के लिए सौर फेंसिंग की मांग की गई। इसके अतिरिक्त, प्राकृतिक जलस्रोतों के संरक्षण और नदियों के पुनर्जीवन के लिए केंद्र सरकार से सहायता देने का अनुरोध किया गया, जिससे राज्य का पर्यावरणीय संतुलन बना रहे।

शिक्षा, खेल और स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा देने की पहल
प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि उत्तराखंड देश का पहला राज्य है जिसने नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति को सबसे पहले लागू किया। खेल, तीर्थ और साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए बेहतर कनेक्टिविटी की मांग की गई और राज्य के कच्चे माल पर आधारित उद्योगों को प्राथमिकता देने पर भी बल दिया गया।

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