इजराइल में युद्ध के बाद भारतीय कि 10 बड़ी  कंपनियों की बड़ी चिंता 

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May 8, 2026

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इजराइल में युद्ध के बाद भारतीय कि 10 बड़ी  कंपनियों की बड़ी चिंता 

मानसी शर्मा /- इजरायल और फिलिस्तीनी आतंकवादी समूह हमास के बीच युद्ध जारी है। पिछले शनिवार को जब हमास ने बड़े पैमाने पर हमले कर इजराइल में तबाही मचाई तो इजराइल ने इसका करारा जवाब दिया है और हमास के खिलाफ अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। इस युद्ध में हजारों लोगों की जान जा चुकी है और हर तरफ बम, गोले, रॉकेट और गोलियों की आवाज देखने को मिल रही है। इजराइल के हमले से गाजा पट्टी में टूटी इमारतें और धुआं नजर आ रहा है।

इस युद्ध के बढ़ने के कारण यह पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा चर्चा में है, वहीं यह उन भारतीय कंपनियों के लिए भी संकट पैदा कर सकता है जिनका सीधा संबंध इजराइल से है। इसका असर सोमवार को उनके शेयरों में भारी गिरावट के तौर पर देखने को मिला। हम आपको ऐसी ही 10 कंपनियों के बारे में बता रहे हैं।

इजराइल-हमास युद्ध तेज हुआ

इजरायल और हमास के बीच युद्ध के ताजा हालात की बात करें तो दोनों तरफ से हमले जारी हैं। हमास के कब्जे वाली गाजा पट्टी में इजरायली बमबारी ने भारी तबाही मचाई है और मीडिया ने दावा किया है कि हमास के 1500 आतंकवादी मारे गए हैं। हमास के हमलों में अब तक 800 से ज्यादा इजरायली लोगों की जान जा चुकी है। दोनों तरफ से सार्वजनिक संपत्ति को भारी नुकसान हुआ है।

इस युद्ध को लेकर दुनिया के तमाम देश अपनी-अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। वहीं इस जंग का असर कारोबार पर भी पड़ रहा है। अगर भारतीय कंपनियों की बात करें तो सोमवार को उन कंपनियों के शेयरों में बड़ी गिरावट आई जिनका सीधा संबंध इजराइल से है और युद्ध बढ़ने की आशंका से इन कंपनियों के कारोबार पर संकट बढ़ने की आशंका बढ़ती जा रही है।

इन कंपनियों का Israel में कारोबार

इजराइल के भारत के साथ अच्छे संबंध हैं और दोनों देशों के बीच व्यापारिक रिश्ते भी गहरे हैं। एक तरफ जहां 500 से ज्यादा इजराइली कंपनियां भारत में कारोबार कर रही हैं, वहीं कई भारतीय कंपनियां भी इजराइल में कारोबार कर रही हैं। कुछ प्रमुख कंपनियों की बात करें तो गौतम अडानी के नेतृत्व वाले अडानी ग्रुप की कंपनी अडानी पोर्ट्स की हाइफा पोर्ट में 70 फीसदी हिस्सेदारी है। युद्ध की स्थिति में कंपनी के शेयर (Adani Ports Share) 5.09 फीसदी गिरकर सोमवार को 788.50 रुपये पर बंद हुए। हालांकि, मंगलवार को इसमें बढ़ोतरी देखने को मिल रही है।

इजराइल में कारोबार करने वाली दूसरी बड़ी कंपनी सन फार्मास्यूटिकल्स है। सोमवार को इस फार्मा कंपनी के शेयर भी लाल निशान में बंद हुए। सन फार्मा के कारोबार की बात करें तो सन फार्मा इजराइल की प्रमुख दवा कंपनी टैरो फार्मास्यूटिकल्स में एक प्रमुख हितधारक है। हमास के हमले और इजराइल की जवाबी कार्रवाई से शुरू हुआ युद्ध अगर आगे बढ़ता है तो इसका असर कंपनी के कारोबार पर दिख सकता है। फार्मा सेक्टर की अन्य भारतीय कंपनियों के भी इज़राइल कनेक्शन हैं, जिनमें डॉ. रेड्डी और ल्यूपिन जैसे नाम शामिल हैं।

IT कंपनियों का कारोबार बढ़ रहा है

ITसेक्टर की बड़ी भारतीय कंपनियों का कारोबार इजराइल में भी फैला हुआ है। इसमें टाटा ग्रुप की टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS), इंफोसिस, टेक महिंद्रा और विप्रो जैसी कंपनियां शामिल हैं। युद्ध की स्थिति में इन कंपनियों के शेयरों पर दबाव पड़ सकता है। TCS के इज़राइल में लगभग 1000 कर्मचारी काम करते हैं।

बैंकिंग-ज्वैलरी कंपनियों पर बढ़ेगा दबाव!

रिपोर्ट्स के मुताबिक, देश के सबसे बड़े बैंक यानी स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की मौजूदगी भी इजरायल में है और यहां चल रहे युद्ध के कारण कारोबार प्रभावित होने की आशंका बढ़ती जा रही है। सोमवार को एसबीआई के शेयरों में 1.53 फीसदी की गिरावट आई। इसके अलावा इस युद्ध का असर भारत और इजराइल के बीच रत्न एवं आभूषण कारोबार से जुड़ी कंपनियों पर भी पड़ सकता है।

आपको बता दें कि 2022-23 में दोनों देशों के बीच इस सेक्टर में कुल व्यापार 2.04 अरब डॉलर था, जबकि 2021-22 में यह 2.8 अरब डॉलर रहा। इस सेक्टर की बड़ी कंपनी कल्याण ज्वैलर्स भी दबाव में है।

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