इंदौर में विस्फोटकों से गिराई गई इमारत, नगर निगम की कार्रवाई पर उठे सवाल

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August 24, 2026

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इंदौर में विस्फोटकों से गिराई गई इमारत, नगर निगम की कार्रवाई पर उठे सवाल

अनीशा चौहान/-   इंदौर में नगर निगम द्वारा एक चार मंज़िला निर्माणाधीन इमारत को विस्फोटकों से गिराए जाने की घटना ने प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह इमारत खजराना क्षेत्र में स्थित थी और नगर निगम का दावा है कि यह इमारत अवैध रूप से बनी थी, लेकिन सोशल मीडिया और स्थानीय लोगों के अनुसार, यह कार्रवाई रिश्वत न देने के चलते की गई।

क्या है पूरा मामला?
मध्य प्रदेश के इंदौर के खजराना इलाके में 31 मई 2025 को डॉ. मुंशी के स्वामित्व वाली चार मंज़िला निर्माणाधीन इमारत को नगर निगम ने बारूद का उपयोग करके ध्वस्त कर दिया। नगर निगम के मुताबिक़, इस इमारत में निर्माण नियमों का उल्लंघन, सरकारी ज़मीन पर अतिक्रमण, और अवैध टावर की स्थापना जैसी कई गड़बड़ियाँ थीं।

नगर निगम ने बताया कि कई बार नोटिस भेजे गए, लेकिन जब कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली तो पहले बुलडोज़र चलाया गया और फिर विस्फोटकों से पूरी इमारत को गिरा दिया गया।

रिश्वत न देने का आरोप
इस कार्रवाई को लेकर सोशल मीडिया पर ज़बरदस्त प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। कई लोगों ने आरोप लगाया है कि इमारत को इतनी जल्दबाज़ी में इसलिए गिराया गया क्योंकि मालिक ने कथित तौर पर रिश्वत देने से इनकार कर दिया था।

एक यूज़र ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, “इंदौर नगर निगम ने कथित तौर पर फिरौती न मिलने पर बारूद से बिल्डिंग उड़ा दी।” इस तरह की पोस्टों ने इस मामले को एक बड़े प्रशासनिक विवाद में बदल दिया है।

नगर निगम का पक्ष
नगर निगम ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि यह कार्रवाई पूरी तरह से कानूनी थी। निगम के अनुसार, उन्होंने नियमों के अनुसार पहले नोटिस जारी किए, लेकिन जब कोई जवाब नहीं मिला तो विकल्प न होने पर यह कड़ा कदम उठाना पड़ा।

नगर निगम का कहना है कि यह कार्रवाई शहर में अवैध निर्माणों के खिलाफ अभियान का हिस्सा है और इससे भविष्य में इस तरह की गतिविधियों पर नकेल कसी जा सकेगी।

पारदर्शिता और जवाबदेही पर सवाल
इस पूरे मामले ने प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर एक गंभीर बहस छेड़ दी है। अगर सोशल मीडिया पर लगे आरोपों में सच्चाई है, तो यह मामला सिर्फ एक इमारत गिराने का नहीं, बल्कि सिस्टम में फैले भ्रष्टाचार और मनमानी की गवाही देता है।

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