अन्ना हजारे फिर करेंगे अनशन, इस बार महाराष्ट्र सरकार का फैसला निशाने पर

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

August 2026
M T W T F S S
 12
3456789
10111213141516
17181920212223
24252627282930
31  
August 26, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

अन्ना हजारे फिर करेंगे अनशन, इस बार महाराष्ट्र सरकार का फैसला निशाने पर

-उद्धव सरकार की शराब नीति के विरोध में 14 फरवरी से करेंगे अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/महाराष्ट्र/शिव कुमार यादव/- अपने आंदोलन से कांग्रेस की केंद्र सरकार को हिलाने वाले समाजसेवी अन्ना हजारे एक बार फिर अनशन करने जा रहे है। इस बार उनके निशाने पर महाराष्ट्र की उद्धव सरकार है। दरअसल उद्धव सरकार ने महाराष्ट्र में सुपर मार्केट और वाकिंग स्टोर पर शराब बेचने का निर्णय लिया है। राज्य के लोग महाराष्ट्र सरकार के इस फैसले की आलोचना कर रहे है जिसके विरोध में अन्ना हजारे ने मोर्चा खोलने का निर्णय लिया है। आगामी 14 फरवरी से समाजसेवी अन्ना हजारे शराब नीति के विरोध में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल करने जा रहे हैं।  
                  अन्ना हजारे ने इस संबंध में मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को पत्र लिखकर संकेत दिया है कि वह 14 फरवरी से आमरण अनशन पर बैठेंगे। चिट्ठी में कहा गया है कि रालेगण सिद्धि स्थित यादव बाबा मंदिर में 14 फरवरी से आमरण अनशन शुरू होगा। अन्ना हजारे ने चिट्ठी में कहा क्या सरकार को नहीं लगता कि दससे महिलाओं को नुकसान पहुंच सकता है। उन्होंने कहा कि युवा शक्ति हमारी राष्ट्रीय शक्ति है, अगर वाइन सुपरमार्केट और किराने की दुकानों में रखी जाती है तो यह बच्चे भी आधी हो जाएंगे। मेरे पास फैसले का विरोध करने के अलावा कोई चारा नहीं है। हजारे ने यह भी कहा कि यह आश्चर्यजनक है कि सरकार कह रही है कि वाइन शराब नहीं है। बता दें कि महाराष्ट्र सरकार ने सुपर मार्केट और आस-पड़ोस की दुकानों में शराब की बिक्री की अनुमति दी है।
                बता दें कि राज्य मंत्रीमंडल ने इसके लिए प्रस्ताव पास कर दिया है। ठाकरे सरकार के इस फैसले के बाद से महाराष्ट्र की सियासत में जमकर बवाल भी मचा हुआ है बीजेपी ने इस निर्णय पर कटाक्ष किया है। भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि महा विकास आघाडी सरकार ने महामारी के 2 साल के दौरान लोगों की मदद नहीं की लेकिन इसकी प्राथमिकता शराब की बिक्री को बढ़ावा देना है। वहीं लोगों का कहना है कि आखिर नेता व राज्य सरकारे शराब को ही क्यो प्राथमिकता दे रहे है। जबकि आय के और भी संसाधन हो सकते है। क्या सरकारों के पास और कोई विकल्प नही है।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox