अन्ना गिरोह के दो खुखांर अपराधी चढे एटीएस द्वारका पुलिस के हत्थे

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अन्ना गिरोह के दो खुखांर अपराधी चढे एटीएस द्वारका पुलिस के हत्थे

-दोनो है अन्ना गिरोह के सरगना व एक लाख के ईनामी बदमाश, चोरी, लूट, अपहरण, फिरोती व हत्या जैसे अनेकों संगीन मामलों में थे वांछित -लगन शर्मा थाना जाफरपुर का है भगोड़ा बीसी, शक्ति शारदा गैंग से थी प्रतिद्वंदिता

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/द्वारका/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/- द्वारका एटीएस टीम के हाथ एक बड़ी सफलता लगी है। टीम ने एक संयुक्त व सटीक कार्यवाही में अन्ना गिरोह के दो खुंखार अपराधियों को पकड़ने में सफलता प्राप्त की है। दोनो अपराधियों पर एक लाख का ईनाम भी घोषित था और दोनो अन्ना गिरोह के सरगना बताये जा रहे है। दोनो बदमाश काफी समय से पुलिस को चकमा दे रहे थे और पुलिस भी काफी समय से इनकी तलाश में जुटी हुई थी। आखिरकार एटीएस द्वारका ने अपराधी लगन शर्मा व आनन्द उर्फ अन्ना को पकड़कर क्षेत्र में हुई करीब 14 संगीन वारदातों का खुलासा कर दिया है। पुलिस ने आरोपियों से एक आधुनिक पिस्टल, एक देसी कट्टा और तीन जिंदा कारतूस बरामद किये है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है। पुलिस का कहना है कि क्षेत्र में काफी समय से अन्ना गिरोह व शक्ति शारदा गिरोह में तनातनी चल रही थी जिसके चलते कई हत्याऐं भी हो चुकी है। पुलिस का मानना है कि इस गिरफ्तारी से क्षेत्र में शांति कायम होने में मदद मिलेगी। हालांकि अभी भी गैंग के कुछ सदस्यों की पुलिस को तलाश है।
                       इस संबंध में द्वारका डीसीपी संतोष कुमार मीणा ने बताया कि काफी समय से शक्ति शारदा गैंग व अन्ना गैंग में आपसी रंजिश चल रही थी और दोनो गैंग के सदस्य एक दूसरे पर हमला कर रहे थे। साथ ही क्षेत्र में वारदातों को भी अंजाम दे रहे थे। जिसे देखते हुए पुलिस दोनो गैंग के बदमाशों को पकड़ने के लिए काफी समय से प्रयासरत थी। लेकिन एटीएस को सफलता उस समय मिली जब 24 जुलाई को पुलिस को अन्ना गैंग के बदमाशों की क्षेत्र में होने की सूचना मिली। जिसपर संज्ञान लेते हुए एसीपी विजय सिंह ने एटीएस प्रभारी कमलेश कुमार के नेत्त्व में एसआई विकास यादव, एचसी जितेंद्र, एचसी दिनेश, एचसी विजय, एचसी सोनू, सीटी परविंदर, सीटी संदीप, सी.टी. इंदरपाल, सी.टी. सौरभ और सीटी मनीष की टीम का गठन किया और अपराधियों को पकड़ने के निर्देश दिये। टीम ने हवलदार परविंदर की सूचना पर कार्यवाही आंरभ की और तकनीकी सहायता व मुखबिरों की सूचना के आधार पर पूर्वी कृष्णा विहार नजफगढ पर छापा मारकर पकड़ लिया। तलाशी के दौरान आरोपी लगन शर्मा उर्फ मोनू के पास से एक लोडिड आधुनिक पिस्टल व आनन्द उर्फ अन्ना से एक देसी कट्टा व तीन जिंदा कारतूस बरामद किये। पुलिस ने बताया कि आरोपी लगन शर्मा उर्फ मोनू पुत्र देवकी नंदन निवासी खेड़ा डाबर नजफगढ ने बताया कि वह 12वीं कक्षा तक पढ़ा है और अपनी ड्रग्स और धूम्रपान की बुरी आदतों के कारण अपने दोस्तों विकास उर्फ भोलू व परमजीत उर्फ परमा के साथ चोरी, स्नेचिंग व लूट की वारदातों को अंजाम देना शुरू किया। लेकिन जब शक्ति शारदा ने उसके भाई रविन्द्र की हत्या की तो उसने बदला लेने के लिए अपने दोस्तों के साथ शक्ति शारदा के भाई सज्जन उर्फ चूरी की हत्या कर दी। सात महिने तक वह जेल में रहा और बाहर आने पर फरार हो गया। रंजिश के चलते बागपत क्षेत्र से हथियार खरीदे और शकि्र्त शारदा को मारने की योजना बनाने लगा। पुलिस आयुक्त ने आरोपी पर एक लाख का ईनाम भी रखा है। वहीं आरोपी आनन्द उर्फ अन्ना उर्फ रोहित उर्फ सोनू पुत्र ओंकार सिंह निवासी बी’ब्लॉक गोपालनगर यादव भवन के सामने ने बताया कि वह 10वीं कक्षा तक पढ़ा हुआ है। बुरी आदतों के कारण, वह विश्व अपराध में आया और पहले हत्या, हत्या के प्रयास, फिरौती के लिए अपहरण और हथियार अधिनियम सहित 5 मामलों में शामिल था। शक्ति शारदा गैंग से उसकी दुश्मनी है।
                           दोनो आरोपियों ने अपने साथियों के साथ मिलकर कई हत्याये व खैरा गांव की बैंक डकैती की वारदात को भी अंजाम दिया है। आरोपी क्षेत्र में रंगदारी, चोरी, लूट, स्नेचिंग व हत्याओं की वारदातों को अंजाम देते रहे है। उनका उद्देश्य शक्ति शारदा की हत्या कर उसके गैंग को कबजाने का था लेकिन पुलिस के हत्थे चढ़ गये। पुलिस ने छावला थाने में दोनो आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ कर रही है ताकि और मामलों का खुलासा हो सके।

द्वारका एटीएस टीम के हाथ एक बड़ी सफलता लगी है। टीम ने एक संयुक्त व सटीक कार्यवाही में अन्ना गिरोह के दो खुंखार अपराधियों को पकड़ने में सफलता प्राप्त की है। दोनो अपराधियों पर एक लाख का ईनाम भी घोषित था और दोनो अन्ना गिरोह के सरगना बताये जा रहे है। दोनो बदमाश काफी समय से पुलिस को चकमा दे रहे थे और पुलिस भी काफी समय से इनकी तलाश में जुटी हुई थी। आखिरकार एटीएस द्वारका ने अपराधी लगन शर्मा व आनन्द उर्फ अन्ना को पकड़कर क्षेत्र में हुई करीब 14 संगीन वारदातों का खुलासा कर दिया है। पुलिस ने आरोपियों से एक आधुनिक पिस्टल, एक देसी कट्टा और तीन जिंदा कारतूस बरामद किये है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है। पुलिस का कहना है कि क्षेत्र में काफी समय से अन्ना गिरोह व शक्ति शारदा गिरोह में तनातनी चल रही थी जिसके चलते कई हत्याऐं भी हो चुकी है। पुलिस का मानना है कि इस गिरफ्तारी से क्षेत्र में शांति कायम होने में मदद मिलेगी। हालांकि अभी भी गैंग के कुछ सदस्यों की पुलिस को तलाश है।
                       इस संबंध में द्वारका डीसीपी संतोष कुमार मीणा ने बताया कि काफी समय से शक्ति शारदा गैंग व अन्ना गैंग में आपसी रंजिश चल रही थी और दोनो गैंग के सदस्य एक दूसरे पर हमला कर रहे थे। साथ ही क्षेत्र में वारदातों को भी अंजाम दे रहे थे। जिसे देखते हुए पुलिस दोनो गैंग के बदमाशों को पकड़ने के लिए काफी समय से प्रयासरत थी। लेकिन एटीएस को सफलता उस समय मिली जब 24 जुलाई को पुलिस को अन्ना गैंग के बदमाशों की क्षेत्र में होने की सूचना मिली। जिसपर संज्ञान लेते हुए एसीपी विजय सिंह ने एटीएस प्रभारी कमलेश कुमार के नेत्त्व में एसआई विकास यादव, एचसी जितेंद्र, एचसी दिनेश, एचसी विजय, एचसी सोनू, सीटी परविंदर, सीटी संदीप, सी.टी. इंदरपाल, सी.टी. सौरभ और सीटी मनीष की टीम का गठन किया और अपराधियों को पकड़ने के निर्देश दिये। टीम ने हवलदार परविंदर की सूचना पर कार्यवाही आंरभ की और तकनीकी सहायता व मुखबिरों की सूचना के आधार पर पूर्वी कृष्णा विहार नजफगढ पर छापा मारकर पकड़ लिया। तलाशी के दौरान आरोपी लगन शर्मा उर्फ मोनू के पास से एक लोडिड आधुनिक पिस्टल व आनन्द उर्फ अन्ना से एक देसी कट्टा व तीन जिंदा कारतूस बरामद किये। पुलिस ने बताया कि आरोपी लगन शर्मा उर्फ मोनू पुत्र देवकी नंदन निवासी खेड़ा डाबर नजफगढ ने बताया कि वह 12वीं कक्षा तक पढ़ा है और अपनी ड्रग्स और धूम्रपान की बुरी आदतों के कारण अपने दोस्तों विकास उर्फ भोलू व परमजीत उर्फ परमा के साथ चोरी, स्नेचिंग व लूट की वारदातों को अंजाम देना शुरू किया। लेकिन जब शक्ति शारदा ने उसके भाई रविन्द्र की हत्या की तो उसने बदला लेने के लिए अपने दोस्तों के साथ शक्ति शारदा के भाई सज्जन उर्फ चूरी की हत्या कर दी। सात महिने तक वह जेल में रहा और बाहर आने पर फरार हो गया। रंजिश के चलते बागपत क्षेत्र से हथियार खरीदे और शकि्र्त शारदा को मारने की योजना बनाने लगा। पुलिस आयुक्त ने आरोपी पर एक लाख का ईनाम भी रखा है। वहीं आरोपी आनन्द उर्फ अन्ना उर्फ रोहित उर्फ सोनू पुत्र ओंकार सिंह निवासी बी’ब्लॉक गोपालनगर यादव भवन के सामने ने बताया कि वह 10वीं कक्षा तक पढ़ा हुआ है। बुरी आदतों के कारण, वह विश्व अपराध में आया और पहले हत्या, हत्या के प्रयास, फिरौती के लिए अपहरण और हथियार अधिनियम सहित 5 मामलों में शामिल था। शक्ति शारदा गैंग से उसकी दुश्मनी है।
                           दोनो आरोपियों ने अपने साथियों के साथ मिलकर कई हत्याये व खैरा गांव की बैंक डकैती की वारदात को भी अंजाम दिया है। आरोपी क्षेत्र में रंगदारी, चोरी, लूट, स्नेचिंग व हत्याओं की वारदातों को अंजाम देते रहे है। उनका उद्देश्य शक्ति शारदा की हत्या कर उसके गैंग को कबजाने का था लेकिन पुलिस के हत्थे चढ़ गये। पुलिस ने छावला थाने में दोनो आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ कर रही है ताकि और मामलों का खुलासा हो सके।

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