अनिल अंबानी और राणा कपूर पर सीबीआई का शिकंजा                                                       

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

July 2026
M T W T F S S
 12345
6789101112
13141516171819
20212223242526
2728293031  
July 7, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

अनिल अंबानी और राणा कपूर पर सीबीआई का शिकंजा                                                       

-फर्जी लेन-देन के दो मामलों में दाखिल आरोपपत्र

नई दिल्ली/उमा सक्सेना/-   उद्योगपति अनिल अंबानी और यस बैंक के पूर्व सीईओ राणा कपूर की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने उनकी कंपनियों और परिवार से जुड़े कथित फर्जी वित्तीय लेन-देन के मामलों में दो अलग-अलग आरोपपत्र अदालत में दायर कर दिए हैं।

आरसीएफएल और आरएचएफएल पर गंभीर आरोप
सीबीआई की जांच में सामने आया है कि अनिल अंबानी समूह (एडीए ग्रुप) की कंपनियों – रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड (RCFL) और रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड (RHFL) – को यस बैंक ने भारी निवेश उपलब्ध कराया था। बताया गया कि वर्ष 2017 में यस बैंक ने आरसीएफएल में लगभग 2045 करोड़ रुपये और आरएचएफएल में 2965 करोड़ रुपये का निवेश किया। यह निवेश राणा कपूर की मंजूरी से हुआ, जबकि उस समय कंपनी की वित्तीय स्थिति बेहद कमजोर बताई जा रही थी।

सार्वजनिक धन की हेराफेरी का आरोप
सीबीआई का कहना है कि यस बैंक द्वारा किया गया यह निवेश बाद में कई स्तरों पर घुमा-फिराकर इस्तेमाल किया गया। इस प्रक्रिया में सार्वजनिक धन की सुनियोजित हेराफेरी की गई और इसका लाभ एडीए ग्रुप की कंपनियों और राणा कपूर के परिवार की कंपनियों को मिला। इस धोखाधड़ी से यस बैंक को लगभग 2796.77 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।

राणा कपूर और अंबानी पर साजिश का आरोप
जांच एजेंसी के अनुसार, राणा कपूर और अनिल अंबानी के बीच एक गहरी साजिश रची गई थी। इसमें राणा कपूर ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए बैंक का धन उन कंपनियों में लगाया, जिनकी वित्तीय हालत पहले से ही कमजोर थी। इसके बदले में एडीए ग्रुप ने कपूर परिवार की कंपनियों को लाभ पहुंचाया और रियायती दरों पर ऋण उपलब्ध कराया।

रिलायंस निप्पॉन म्यूचुअल फंड्स की भूमिका
सीबीआई ने यह भी बताया कि रिलायंस निप्पॉन म्यूचुअल फंड्स, जो रिलायंस कैपिटल की एक सहायक कंपनी है, ने राणा कपूर के परिवार की कंपनी मॉर्गेन क्रेडिट्स प्राइवेट लिमिटेड में लगभग 1160 करोड़ रुपये का निवेश किया। इसके अलावा, इस फंड ने एडीए ग्रुप के डिबेंचर भी खरीदे, जिससे वित्तीय लेन-देन और संदिग्ध हो गया।

2022 से चल रही जांच
ध्यान देने योग्य है कि ये मामले वर्ष 2022 में दर्ज शिकायत के आधार पर शुरू हुए थे। यस बैंक के तत्कालीन मुख्य सतर्कता अधिकारी ने सीबीआई से शिकायत की थी कि बैंक के फंड्स का दुरुपयोग हुआ है। अब आरोपपत्र दाखिल होने के बाद इस हाई-प्रोफाइल केस में नए मोड़ आने की संभावना है।
यह पूरा मामला न केवल अनिल अंबानी और उनके समूह, बल्कि राणा कपूर और उनके परिवार के लिए भी बड़ी परेशानी बनता जा रहा है। सीबीआई ने संकेत दिया है कि जांच अभी जारी है और आने वाले समय में और भी खुलासे हो सकते हैं।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox