नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/द्वारका/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/- एक सितंबर को 20-40 मीटर चैड़ा क्षुद्रग्रह 2011 ईएस-3 धरती के करीब से गुजरेगा। इसकी दूरी पृथ्वी से फिलहाल 1.2 लाख किलोमीटर आंकी गई है यानी यह धरती और चांद के बीच में काफी करीब होगा। लेकिन इसके धरती से टकराने की संभावना न के बराबर है। नासा के मुताबिक, इस क्षुद्रग्रह की सापेक्ष गति लगभग 8.16 किलोमीटर प्रति सेकंड है। अगले एक दशक तक पृथ्वी के पास से गुजरने वाले क्षुद्रग्रहों में से यह सबसे पास से गुजरेगा।
साल 2011 में इस क्षुद्रग्रह की खोज हुई थी। उस समय वैज्ञानिक केवल इस पर चार दिन तक नजर रख पाए थे। यह अपना एक चक्कर पूरा करने में 1.14 साल का समय लगाता है। धरती के साथ इसकी कक्षा सिर्फ 9 साल में एक बार इसे हमारे करीब लाती है। हालांकि, इसका मार्ग फिर भी काफी अलग होगा और इससे पृथ्वी या उससे जुड़ी किसी आर्टिफिशल सैटेलाइट को खतरा नहीं है।
नासा के जेट लैबोरेटरी के आंकड़ों के मुताबिक, यह क्षुद्रग्रह 1987 से 8 बार पृथ्वी के करीब से गुजरा है, लेकिन इस बार यह अब तक सबसे पास से गुजरेगा। इससे पहले यह 2011 में 13 मार्च को पृथ्वी के सबसे नजदीक से होकर गुजरा था। उस समय यह पृथ्वी से 4,268,643 किलोमीटर दूर से गुजरा था। इस बार यह केवल 29376 किलोमीटर की दूरी से गुजरेगा। आधिकारिक तौर पर इस क्षुद्रग्रह का नाम 2011 ईएस3 है। बताया जा रहा है कि केवल 2032डीबी नाम का क्षुद्रग्रह इसी दूरी से पृथ्वी के पास से साल 2032 में गुजरेगा।


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