
नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/द्वारका/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/- पश्चिम बंगाल में चुनाव से पहले तृणमूल कांग्रेस को एक और बड़ा झटका लगा है। पूर्व केंद्रीय मंत्री और टीएमसी के सांसद दिनेश त्रिवेदी राज्यसभा से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने बजट पर हो रही चर्चा के दौरान अपना इस्तीफा पेश किया। इस्तीफा देने के बाद उन्होंने कहा, पार्टी में मुझे घुटन महसूस हो रही थी। टीएमसी सांसद दिनेश त्रिवेदी ने आगे कहा कि मेरे राज्य में लगातार हिंसा की घटना हो रही है, हम यहां कुछ भी नहीं बोल सकते। इसलिए मैं पार्टी से इस्तीफा दे रहा हूं। हालांकि उन्होंने आगे कहा कि मुझे घुटन महसूस हो रही है कि हम राज्य में हो रही हिंसा पर कुछ नहीं कर पा रहे हैं।
राज्यसभा में इस्तीफा देने के बाद टीएमसी सांसद दिनेश त्रिवेदी ने कहा कि मेरी आत्मा मुझसे कहती है कि अगर आप यहां बैठकर कुछ नहीं कर सकते हैं तो आपको इस्तीफा दे देना चाहिए। मैं पश्चिम बंगाल के लोगों के लिए काम करना जारी रखूंगा। उन्होंने आगे कहा कि पार्टी में ऐसा कोई मंच नहीं था, जहां मैं अपनी आवाज उठा सकता था। मैंने बंगाल के साथ अन्याय किया होगा। उन्होंने कहा कि हमारा इतिहास रहा है कि हमने हिंसा के खिलाफ बोला है। हम कहां बात करें किसी के पास समय नहीं है, जब पार्टी कॉर्पोरेट प्रोफेशनल्स के हाथ में चली जाती है, जिसको राजनीति का क ख नहीं पता वो हमारे नेता बन जाते हैं तो क्या करें। त्रिवेदी ने किसी अन्य पार्टी में जाने के सवाल पर कहा कि इस्तीफा देने के बाद मैं अब स्वतंत्र हूं। मैं अब राहत महसूस कर रहा हूं कि मैं दोषी नहीं हूं।
उन्होंने आगे कहा कि मैं अकेला नहीं हूं, अगर पार्टी में और लोगों से बात करोगे तो आपको पता चलेगा। हमने ममता बनर्जी को देखकर पार्टी में शामिल हुए लेकिन अब ये उनकी पार्टी नहीं रही। त्रिवेदी के इस्तीफे पर टीएमसी सांसद सुखेंदु एस रॉय ने कहा कि तृणमूल का मतलब है जमीनी स्तर पर। इससे हमें राज्यसभा में जमीनी स्तर के कार्यकर्ता को भेजने का मौका मिलेगा।
वहीं टीएमसी के लोकसभा सांसद सौगात रॉय ने कहा कि हमें नहीं पता था कि वह इस्तीफा देंगे। हालांकि, यह हमारे लिए कोई झटका नहीं है। वह जमीनी नेता नहीं थे क्योंकि वे लोकसभा चुनाव हार गए थे। ममता बनर्जी ने उन्हें राज्यसभा भेजा था। उन्होंने कहा कि तृणमूल का मतलब ही होता है श्जमीनी स्तरश्। अब हमारी पार्टी किसी अन्य नेता को उभरने का मौका देगी। दिनेश त्रिवेदी की ओर से इस्तीफा देने के बाद ऐसा माना जा रहा है कि वो अगले कुछ दिनों में भाजपा में शामिल हो जाएंगे। त्रिवेदी ने आगे कहा कि वो अपनी पार्टी के आभारी हैं कि उन्होंने यहां तक भेजा।
दिनेश त्रिवेदी डॉ. मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली केंद्र की संप्रग सरकार में 2010 से 2011 तक केंद्रीय स्वास्थ्य व परिवार कल्याण मंत्री तथा 2011 से 2012 तक रेल मंत्री रह चुके हैं। वे कांग्रेस, जनता दल में रहने के बाद ममता बनर्जी नीत तृणमूल कांग्रेस में शामिल हुए।





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