SIR रिपोर्ट ने खोले वोटर लिस्ट के राज, इन जिलों में सबसे ज्यादा नाम हटे

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August 23, 2026

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SIR रिपोर्ट ने खोले वोटर लिस्ट के राज, इन जिलों में सबसे ज्यादा नाम हटे

-बड़े पैमाने पर देखे गए बदलाव

बिहार/अनीशा चौहान/- बिहार में विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची को शुद्ध और पारदर्शी बनाने के लिए चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान ने बड़े पैमाने पर बदलाव किए हैं। इस प्रक्रिया के तहत सुपौल जिले की 5 विधानसभा सीटों पर 1.28लाख मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। जबकि लखीसराय और सूर्यगढ़ा में 48,854नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं। यह अभियान मृतक मतदाताओं, दोहरे पंजीकरण, और बिहार से बाहर स्थानांतरित हो चुके लोगों के नाम हटाने के लिए चलाया गया है।

सुपौल, लखीसराय और सूर्यगढ़ा से हटाए गए नाम
बता दें, सुपौल जिले की पांच विधानसभा सीटों सुपौल, पिपरा, त्रिवेणीगंज, छातापुर, और निर्मली में मतदाता सूची सत्यापन के बाद 1.28लाख नाम हटाए गए हैं। यह कटौती मुख्य रूप से मृतक मतदाताओं, दोहरे पंजीकरण और उन लोगों के कारण हुई है जो अपने पंजीकृत पते पर नहीं पाए गए या स्थायी रूप से वहां से चले गए। सुपौल में यह प्रक्रिया 24जून 2025से शुरू हुई थी और 25जुलाई तक 99.8%मतदाताओं के सत्यापन का लक्ष्य पूरा किया गया। जानकारी के अनुसार, जिले में 22.46%फॉर्म संग्रहण दर रही।

इसके अलावा लखीसराय जिले और इसकी सूर्यगढ़ा विधानसभा सीट पर भी मतदाता सूची में व्यापक बदलाव देखे गए। यहां 48,854 मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। इनमें मृतक, दोहरे पंजीकरण वाले और पलायन कर चुके मतदाताओं के नाम शामिल हैं।

अब तक 7.33 लाख फॉर्म जमा
बिहार में SIR अभियान के तहत अब तक 7,33,600 मतदाताओं के गणना फॉर्म (Enumeration Forms) जमा किए गए हैं, जो कुल 7.89 करोड़ पंजीकृत मतदाताओं का 97.30% हिस्सा है। यह अभियान 24 जून से शुरू हुआ था और 25 जुलाई तक अधिकांश सत्यापन कार्य पूरा हो चुका है। इसके बाद 01 अगस्त 2025 को ड्राफ्ट मतदाता सूची भी प्रकाशित हो चुकी है। जिसके बाद 1 सितंबर 2025 तक मतदाता या राजनीतिक दल दावा-आपत्ति दर्ज करा सकते हैं। इस दौरान कोई भी व्यक्ति अपने नाम को सूची में शामिल कराने या गलत कटौती को सुधारने के लिए निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ERO) से संपर्क कर सकता है।

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