Rose Day Celebration : जानिए रोज डे क्यों मनाते हैं  

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

May 2026
M T W T F S S
 123
45678910
11121314151617
18192021222324
25262728293031
May 5, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

  Rose Day Celebration : जानिए रोज डे क्यों मनाते हैं  

मानसी शर्मा / –  रोज डे के साथ वेलेंटाइन वीक की शुरुआत होती है। प्यार का पर्व यानि वेलेंटाइन वीक शुरू होने वाला है। आमतौर पर सभी युवाओं और प्रेमी प्रेमिकाओं को वेलेंटाइन वीक का बेसब्री से इंतजार रहता है। आखिर हो भी क्यों ना, दिल की बात बताने के लिए वेलेंटाइन वीक के आठ दिन अलग अलग संदेश जो लेकर आते हैं।

वेलेंटाइन वीक साल के दूसरे माह यानि सात फरवरी से शुरू होता है। प्रत्येक दिन कुछ अलग और बेहद खास होता है, जबकि अंतिम दिन यानि आठवें दिन वेलेंटाइन डे होता है। वेलेंटाइन वीक की शुरूआत रोज डे से होती है। इस दिन लोग अपने प्रिय को गुलाब देते हैं।

लेकिन क्या आपको मालूम है कि रोज डे के दिन किसी व्यक्ति को गुलाब क्यों दिया जाता है, गुलाब के अलग अलग रंगों का क्या मतलब होता है। अगर आपको नहीं मालूम तो इस आर्टिकल में हम रोज डे के बारे में आपको पूरी जानकारी देने जा रहे हैं।

इस लेख में आप जानेंगे रोज डे के बारे में, इसे क्यों मनाया जाता है  गुलाब के रंगों के मायने और मतलब, तथा रोज़ दिवस कैसे मनाया जाता है, कहानी, रोड डे पर लाल, सफेद, नारंगी, पीले और पिंक कलर के रोज देने का क्या मतलब होता हैं।

 फरवरी महीने का एक विशेष दिन जब जीवन के हर स्पेशल व्यक्ति को रोज देकर अपनी भावनाएं, प्यार और स्नेह प्रकट किया जाता है जाता है, उसे रोज डे कहते हैं। यह दिन प्रत्येक साल फरवरी माह की सात तारीख को मनाया जाता है।

वैसे तो प्यार या भावनाओं का इजहार करने के लिए किसी विशेष दिन की जरूरत नहीं होती है लेकिन चूंकि यह प्यार के पर्व के शुरूआत का पहला दिन होता है, यही कारण है कि रोज डे का अहमियत बहुत ज्यादा होता है।

 माना जाता है कि अंग्रेजी के चार अक्षरों यानि ROSE को अलग तरह से व्यवस्थित करने पर ‘EROS’  शब्द बनता है जो प्रेम के देवता का नाम है। ग्रीक के लोगों का मानना है कि प्रेम की देवी वीनस का भी पसंदीदा फूल गुलाब था। इसलिए रोज डे मनाने की प्रथा की शुरूआत हुई।

इसके अलावा कुछ लोग यह भी मानते हैं कि मुगल काल की रानी नूरजहां को लाल गुलाब बेहद पसंद था और उसे खुश करने के लिए शहंशाह रोजाना ताजे गुलाब महल में भेजवाता था। तभी से गुलाब की प्रासंगिकता बढ़ गयी। चूंकि संत वेलेंटाइन से वेलेंटाइन डे जुड़ा हुआ है इसलिए इसकी शुरूआत रोड डे से करते हैं।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox