OPS को लेकर योगी सरकार ने लिया बड़ा फैसला

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September 8, 2026

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OPS को लेकर योगी सरकार ने लिया बड़ा फैसला

-पुरानी पेंशन स्कीम को कैबिनेट से मंजूरी दे दी गई है -चुनाव के बाद डैमेज कंट्रोल में लगी योगी सरकार

उत्तर प्रदेश/नई दिल्ली/सिमरन मोरया/- उत्तर प्रदेश की योगी सरकार के द्वारा पुरानी पेंशन स्कीम को कैबिनेट से मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को इसका फैसला लिया गया। इसके चलते अब प्रदेश में 28 मार्च 2005 से पहले दिए गए विज्ञापनों के आधार पर सरकारी नौकरी पाने वालों को इस स्कीम पर लाभ लेने का मौका मिलेगा।

बता दें कि सरकारी कर्मचारियों की पुरानी पेंशन एक ऐसा मुद्दा है, जिससे राज्य के करीब 28 लाख कर्मचारी, शिक्षक और पेंशनर्स जुड़े हुए है। ऐसे में अगर इन्होंने उन पेंशनधारियों पर पकड़ बनाई तो इसका सीधा असर वोट पर पड़ सकता है। यानी की उन पेंशनधारियों पर पकड़ बनाने का सीधा मतलब उनसे जुड़े 1 करोड़ वोटरों को भी अपनी तरफ करना होगा। 2022 के यूपी विधानसभा चुनाव में ओपीएस एक बड़ा मुद्दा बना था। इसके अलावा लोकसभा चुनाव में पुरानी पेंशन पर कोई भी फैसला ना लेना, बीजेपी के लिए भारी साबित हुआ है।

ओपीएस को कांग्रेस ने पत्र में नहीं किया शामिल

2024 के लोकसभा चुनाव की सियासी सरगर्मी के बीच ओपीएस बहाली के लिए गठित नेशनल ज्वाइंट काउंसलिंग ऑफ एक्शन के संयोजक शिव गोपाल मिश्रा ने अपनी राय रखी है। उन्होंने कहा कि जो भी दल पुरानी पेंशन बहाली के मुद्दे को अपने घोषणापत्र में शामिल करेगा, सरकारी कर्मचारी उसे ही वोट देंगे। कांग्रेस पार्टी ने ओपीएस को अपनी घोषणा पत्र में शामिल नहीं किया था।

ओपीएस को बहाल करने का सियासी दांव मायने

गौरतलब है कि 2024 में बीजेपी की हार में सरकारी कर्मचारी एक अहम मुद्दा रहा था। 2024 के चुनाव में भी बीजेपी को सरकारी कर्मचारियों ने यूपी में तगड़ा झटका दिया था। ऐसे में सरकार के लिए बेहद जरूरी था कि सरकारी कर्मचारियों का वोट अपनी तरफ किया जाए। जिसके बाद योगी सरकार द्वारा पुरानी पेंशन स्कीम  का फैसला लिया गया। वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षतामें मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में ओपीएस के प्रस्ताव को हरी झंडी दी गई है। 28 मार्च 2005 को यह प्रावधान किया था 1 अप्रैल 2005 या उसके बाद कार्यभार ग्रहण करने वाले कर्मचारी राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली के दायरे में होगा। अब ऐसे शिक्षक और कर्मचारी हैं जिनकी नियुक्ति 1 अप्रैल 2005 या उसके बाद हुई, लेकिन उस नौकरी का विज्ञापन 28 मार्च 2005 से पहले निकला था। ये कर्मचारी काफी लंबे समय से पुरानी पेंशन स्कीम का लाभ देने की मांग कर रहे थे। हालांकि अब सरकार ने इस मांग को पूरा कर दिया है।

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