IPL स्पॉन्सर के बेटे ने 40 हजार करोड़ की दौलत ठुकराई, अब बने साधु

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

July 2026
M T W T F S S
 12345
6789101112
13141516171819
20212223242526
2728293031  
July 27, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

IPL स्पॉन्सर के बेटे ने 40 हजार करोड़ की दौलत ठुकराई, अब बने साधु

मानसी शर्मा /- मलेशिया के टेलीकॉम दिग्‍गज आनंद कृष्‍णन के बेटे वेन अजान सिरिपानयो अब भिक्षुक बन चुके हैं। दरअसल, वेन अजानने ऐशोआराम की जिंदगी छोड़ बौद्ध भिक्षुक बनकर सबको चौंका दिया है। आनंद कृष्‍णन मलेशिया के तीसरे सबसे बड़े रईस आदमी हैं। जिनकी संपत्ति लगभग 40,000 करोड़ रुपये है।

बता दें, वह पूर्व टेलीकॉम कंपनी एयरसेल के मालिक रहे हैं। एक समय में एयरसेल ने मशहूर आईपीएल टीम चेन्‍नई सुपर किंग्‍स को स्‍पांसर किया था। उनका बिजनेस टेलीकॉम के अलावा सैटेलाइट, मीडिया, ऑयल, गैस और रियल एस्‍टेट सेक्‍टर में भी फैला हुआ है। वेन जान सिरिपानयो की मां एम सुप्रिंदा चक्रबान के पारिवारिक संबंध थाइलैंड के शाही राजघराने से हैं।

एयरसेल के संस्थापक C शिवशंकरन थे। उन्होंने मैक्सिस बेरहाद के साथ मिलकर इसकी शुरुआत की थी। मैक्सिस बेरहाद मलेशिया की टेलीकॉम कंपनी है जिसके मालिक आनंद कृष्णन हैं। 2006 में मैक्सिस ने एयरसेल में 74 फीसदी हिस्सेदारी खरीदकर उसका अधिग्रहण कर लिया था।

18 साल की उम्र में लिया फैसला

बताया जा रहा है कि वेन अजान सिरिपानयो ने 18 साल की उम्र में ही थाइलैंड के एक बौद्ध मठ से जुड़कर भिक्षुक बनने का फैसला किया। उस वक्‍त उन्‍होंने केवल एक आध्‍यात्मिक अनुभव के लिए ऐसा किया था। लेकिन अब दो दशक बीतने के बाद वो पूरी तरह से बौद्ध भिक्षुक बन गए हैं। इसलिए अब वह अपनी ऐशोआराम की जिंदगी छोड़कर जंगल में स्थित एक बौद्ध मठ में भिक्षुक की तरह रहते हैं। बता दें, वेन अजान का बचपन ब्रिटेन में बीता है। उनकी परवरिश दो बहनों के साथ ब्रिटेन में हुई है। उन्हें 8 भाषाएं आती हैं। भिक्षु का जीवन जीने के साथ वेन अजान अपने परिवार के बीच भी लौटते रहते हैं।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox