ई-रिक्शा 40 हजार की, चालान 60 हजार का, रिक्शा चालकों में रोष

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May 4, 2026

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ई-रिक्शा 40 हजार की, चालान 60 हजार का, रिक्शा चालकों में रोष

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/द्वारका/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/- नंगली सकरावती में ई-रिक्शा चालकों ने यातायात पुलिस की मनमानी को लेकर बैटरी रिक्शा संघ के तत्वाधान में रैली का आयोजन किया। जिसमें संघ के चेयरमैन जयभगवान गोयल ने यातायात पुलिस व दिल्ली सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि यह कहां का इंसाफ है कि ई-रिक्शा मात्र 40 हजार की और पुलिस ने उसके चालान 60 हजार के काट दिये। यह मात्र एक रिक्शा का मामला नही है। क्षेत्र में चल रही हजारों रिक्शा वालों का यही हाल है। हालांकि यातायात पुलिस के इंचार्ज ने बताया कि दिल्ली में 236 ऐसे रोड़ है जिनपर ई-रिक्शा चलाने की इजाजत नही है। फिर भी ये लोग जबरदस्ती करते है। तो पुलिस के पास चालान के अलावा कोई विकल्प नही है।
मंगलवार को बैटरी रिक्शा संघ के आहवान पर नगली सकरावती में सैंकड़ों ई-रिक्शा चालक व मालिक अपनी रिक्शाओं के साथ पंहुचे और दिल्ली सरकार व यातायात पुलिस के खिलाफ रैली कर नारे बाजी की। इस अवसर पर संघ के अध्यक्ष जयभगवान गोयल ने कहा कि दिल्ली की संड़कों पर रोजाना अवैध व भारी वाहन बिना रोकटोक के चल रहे है। यातायात पुलिस उनकी तरफ देखती भी। वहीं जब एक गरीब आदमी रिक्शा चलाकर अपने परिवार का पेट पालने की कोशिश करता है तो पुलिस को यह अखर जाता है और पुलिस बहुतायत में उनका चालान करती है। उन्होने कहा कि ई-रिक्शा से यातायात पुलिस को कोई मंथली नही मिलती जिसकारण उनका चालान होता है जबकि भारी वाहन नजफगढ फिरनी पर सुबह सात से रात 11 बजे तक बंद है लेकिन फिर भी ये अवैध तरीके से बिना रोकटोक के चलते है जिन पर पुलिस कोई कार्यवाही नही करती। उन्होने कहा कि ई-रिक्शा को परिवहन विभाग से अनुमति मिली हुई है। उनका रजिस्ट्रेशन भी है और लाईसेंस भी है फिर भी पुलिस धड़ाधड़ चालान कर रही है।
बैटरी रिक्शा संघ की रैली में सैंकड़ों चालकों व मालिकों ने सरकार के खिलाफ नारे बाजी की और अपनी मांगों को लेकर सरकार को चेतावनी दी की या तो उनकी मांगे मानी जाये नही तो रिक्शा संघ जल्द पूरी दिल्ली में विरोध रैली निकालेगा। रैली में ऐसे अनेकों लोग मौजूद थे जिनका चालान लाखों में था जबकि उनकी रिक्शा की कीमत मात्र हजारों में थी। ऐसे में चालक व व मालिक असमंजस में है कि वो चालान भरे या फिर रिक्शा ही छोड़ दे। रिक्शा चालक रणजीत व अशोक ने बताया कि उनकी रिक्शा की कीमत मात्र 40 हजार है और चालान 60 हजार का है। जिसे देखते हुए संघ के सदस्यों ने मांग की है कि सरकार ई-रिक्शा चालकों के चालान रद्द करे और दिल्ली के 236 मार्गों पर ई-रिक्शा चलाने की इजाजत दी जाये।
वहीं इस संबंध मंे जब नजफगढ़ टी आई सुनील कुमार से बात की गई तो उन्होने बताया कि नो-एंट्री का चालान 20 हजार का है और जिन सड़कों पर इनके चलने की इजाजत नही है वहां नोटिस भी लगाये हुए है लेकिन ये लोग फिर भी चलते है। ऐसे में पुलिस के पास चालान काटने के अलावा कोई विकल्प नही है।

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