DRDO का सफल परीक्षण, क्या है भारत का पिनाका रॉकेट सिस्टम जिसमें फ्रांस ने दिखाई रूचि?

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

March 2026
M T W T F S S
 1
2345678
9101112131415
16171819202122
23242526272829
3031  
March 11, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

DRDO का सफल परीक्षण, क्या है भारत का पिनाका रॉकेट सिस्टम जिसमें फ्रांस ने दिखाई रूचि?

मानसी शर्मा /-  भारत ने गुरुवार को एक बार फिर बड़ी कामयाबी हासिल की है। भारत ने गाइडेड पिनाक हथियार प्रणाली के उड़ान परीक्षण का सफलतापूर्वक परीक्षण किया।ये परीक्षण रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने प्रोविजनल स्टाफ क्वालिटेटिव रिक्वायरमेंट्स (PSQR) वैलिडेशन ट्रायल के तहत किया गया है। बता दें, उड़ान परीक्षण 3 चरणों में अलग-अलग फील्ड फायरिंग रेंज में किए गए हैं।

रक्षा मंत्रालय ने कहा कि इन परीक्षणों के दौरान रॉकेटों के व्यापक रेंजिंग, सटीकता, स्थिरता और सैल्वो मोड (सैल्वो तोपखाने या आग्नेयास्त्रों का एक साथ इस्तेमाल है। जिसमें लक्ष्य को भेदने के लिए तोपों से गोलीबारी शामिल है।) में कई लक्ष्यों पर निशाना साधने की दर का आकलन किया गया है।

रक्षा मंत्रालय ने क्या कहा?

रक्षा मंत्रालय ने आगे कहा कि DRDOने PSQRवेलिडेशन टेस्ट के भाग के रूप में निर्देशित पिनाका हथियार प्रणाली के उड़ान परीक्षणों को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। रक्षा मंत्रालय ने ये भी कहा है कि लांचर उत्पादन एजेंसियों द्वारा अपग्रेड किए गए दो इन-सर्विस पिनाक लांचर से कुल बारह राकेटों का परीक्षण किया गया है।

क्या है पिनाक हथियार सिस्टम?

दरअसल, पिनाक हथियार सिस्टम दुश्मनों के लिए बनाया गया है। अब ये हथियार 75 किलोमीटर दूर तक 25 मीटर के दायरे में सटीक निशाना लगा सकता है। वहीं, इसकी रफ्तार 1000-1200 मीटर प्रति सेकेंड है। यानी एक सेकेंड में एक किलोमीटर। बताया जा रहा है कि फायर होने के बाद इसे रोकना नामुमकिन है। बता दें, पहले पिनाक की मारक क्षमता 38 किलोमीटर थी। जो अब बढ़कर 75 किलोमीटर हो जाएगी।

मिली जानकारी के अनुसार, रॉकेट लॉन्चर के 3 वैरिएंट्स हैं। MK-1, MK-2, और MK-3 (निर्माणाधीन)हैं। इस लॉन्चर की लंबाई 16 फीट 3 इंच से लेकर 23 फीट 7 इंच तक है। वहीं, इसका व्यास 8.4 इंच है। बता दें, इस रॉकेट सिस्टम का नाम भगवान शिव के धनुष पिनाक के नाम पर रखा गया है। इस धनुष का उपयोग भगवान परशुराम करते थे।

अन्य देशों में पिनाक हथियार सिस्टम के चर्चे

बताया जा रहा है कि पिनाका रॉकेट लॉन्चर अमेरिका के हिमर्स सिस्टम के बराबर माना जाता है। यह भारत का पहला प्रमुख रक्षा निर्यात रहा है। जिसके बाद अब फ्रांस ने भी इस रॉकेट सिस्टम में भी रुचि दिखाई है। बता दें, भारतीय सेना इस लॉन्चर का इस्तेमाल पहले से ही कर रही है। इसे पाकिस्तान और चीन की सीमा पर तैनात किया गया है।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox