कुतुब विहार में जहरीली गैस का कहर, सेप्टिक टैंक में दम घुटने से ठेकेदार की मौत

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October 24, 2026

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कुतुब विहार में जहरीली गैस का कहर, सेप्टिक टैंक में दम घुटने से ठेकेदार की मौत

शटरिंग हटाने टैंक में उतरे मदन पंडित ने दूसरों को बचाने की कोशिश की, लेकिन खुद नहीं निकल सके बाहर; तीन अन्य लोग बीमार, अस्पताल में भर्ती
नजफगढ़ मेट्रो न्यूज/नई दिल्ली/ ब्यूरो;। दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के कुतुब विहार इलाके में 21 अक्टूबर 2026 को एक निर्माणाधीन सेप्टिक टैंक में जहरीली गैस और ऑक्सीजन की कमी के कारण दर्दनाक हादसा हो गया। टैंक के अंदर दम घुटने से बिल्डिंग ठेकेदार मदन पंडित की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य लोग बीमार पड़ गए। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
शटरिंग हटाने टैंक में उतरे थे मदन पंडित
जानकारी के अनुसार, निर्माणाधीन सेप्टिक टैंक के अंदर लगी शटरिंग हटाने के लिए बिल्डिंग ठेकेदार मदन पंडित टैंक में उतरे थे। टैंक के भीतर जहरीली गैस या ऑक्सीजन की कमी के कारण दमघोंटू स्थिति बन गई। बताया गया है कि मदन पंडित ने वहां फंसे अन्य लोगों को बचाने की कोशिश की, लेकिन खुद टैंक से बाहर नहीं निकल सके।
हादसे के बाद मदन पंडित को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस घटना में विनोद (22), चंद्र शेखर (35) और सुरेंद्र सिंह (42) भी बीमार हो गए। तीनों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।
छावला थाने में मामला दर्ज
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। छावला पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस हादसे के कारणों और निर्माण स्थल पर सुरक्षा के इंतजामों से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
निर्माणाधीन सेप्टिक टैंक जैसे बंद स्थानों में जहरीली गैस जमा होने और ऑक्सीजन का स्तर कम होने से जानलेवा स्थिति पैदा हो सकती है। ऐसे स्थानों पर बिना गैस की जांच, पर्याप्त वेंटिलेशन और जरूरी सुरक्षा उपकरणों के प्रवेश करना बेहद खतरनाक होता है। कुतुब विहार की इस घटना ने निर्माण स्थलों पर सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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